संविदा शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति की शिकायत पर बैठी जांच

2003 से 13 तक हुईनियुक्ति में गड़बड़ी की आशंका 40 से  अधिक शिक्षक हो सकते हैं फर्जी

2 min read
Jul 29, 2017
Investigation on the complaint of fake appointment of contract teachers
बुरहानपुर.
व्यापम घोटाले की तरह बुरहानपुर में भी इसकी गूंज होने लगी है। 2003 से 13 तक हुई संविदा शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की आशंका के चलते जब संगठन के एक पदाधिकारी ने इसकी शिकायत की तो शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। जिला शिक्षा अधिकारी ने ताबड़तोड़ जांच कमेटी गठित कर दी, जिसमें तीन प्राचार्यों को शामिल किया गया है। इसकी जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जाएगी।

शहर में कई दिनों से यह चर्चा रही की कई शिक्षक ऐसे हैं, जिनके नाम तो विभाग में दर्जहै, लेकिन वे कभी स्कूल पढ़ाने नहीं गए। जबकि कईयों की फर्जीतरीके से नियुक्ति हो गई। कई समय तक इस तरह की बात चलने के बाद आखिरकार अखिल भारतीय हिंदू महासभा के प्रदेश प्रवक्ता अनूप यादव ने जब इसकी लिखित शिकायत की तो डीईओ प्रेमनारायण पारासर ने जांच कमेटी बनाने के निर्देश राज्य माध्यामिक शिक्षा केंद्र के अतिरिक्त जिला समन्वयक सैयद अतिक अली को दिए। उन्होंने तीन प्राचार्यों की मिलकर यह कमेटी बनाईहै, जो फर्जीशिक्षकों के दस्तावेजों की जांच करेंगे।

कई नेताओं के बेटे बन गए शिक्षक

बताया जा रहा हैकि 2003 से 13 के बीच हुई नियुक्ति में कई नेताओं के बच्चे और रिश्तेदारों की नौकरी लगा दी गई।अब जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद इन शिक्षकों के नाम भी उजागर होंगे।जो अब तक सभी से बचते नजर आए हैं। इसमें कईशिक्षक ऐसे हैं, जिनके मैरीट नाम सूची में नहीं होने के बाद भी नियुक्ति हो गई है।

यह हुई है शिकायत

अभा हिंदू महासभा के प्रवक्ता अनूप यादव ने बताया कि जिला पंचायत, जनपद पंचायत और नगर निगम क्षेत्रमें वर्ग 1, 2 और 3 के संविदा शिक्षकों की नियुक्ति की गई।इसमें घोर विसंगतियां है। शासन द्वारा निर्धारित की गई गाइड लाइन की अनदेखी कर महाराष्ट्र तथा जिले के अपात्र लोगों को भर्तीका लाभ दिाय गया है। जिसमें शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा अनियमितताएं बरती गई है।जिसकी उच्च स्तरीय जांच होना जरूरी है। क्योंकि यह जनहित से जुड़ा मामला हे।इसमें पात्र परीक्षार्थियों के अधिकारों का हनन किया गया है।

यह होगी जांच

कमेटी भर्ती के दौरान जिन शिक्षकों का चयन हुआ हैउनके द्वारा दिए गए समस्त शैक्षणिक दस्वातेजों की प्रमाणिकता के आधार पर जांच की जाएगी।

भर्तीके दौरान उनके द्वारा दिया गया व्यापम प्रमाण पत्रों की जांच।

इस दौरान जारी की गईमेरिट सूची की जांच।

- शिकायत के बाद डीईओ के निर्देश पर जांच कमेटी बना दी है।इसमें तीन प्राचार्य शामिल है। इनके नाम अभी हम उजागर नहीं दे सकते। नहीं तो जांच प्रभावित होगी। जांच में जो भी हैसब सामने आ जाएगा।

- सैयद अतिक अली, अतिरिक्त जिला समन्वयक राज्य शिक्षा केंद्र


Published on:
29 Jul 2017 12:41 pm
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