
दिल्ली के मालवीय नगर के हौजरानी क्षेत्र के फ्लोरिश स्टे बीएंडबी होटल एंड रेस्टोरेंट में बुधवार को लगी में भीषण आग में 21 की मौत। (Photo- IANS)
Delhi Malviya Nagar Fire: दिल्ली के मालवीय नगर के एक होटल में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 37 लोग घायल हुए हैं। अब इस मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है। हादसे के बाद पुलिस ने पहले लवकेश बजाज और उनकी पत्नी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था, ताकि वे देश छोड़कर फरार न हो सकें।
इस मामले में पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या सहित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। होटल में अग्नि सुरक्षा और लाइसेंस संबंधी नियमों के संभावित उल्लंघनों की भी जांच की जा रही है।
दिल्ली के मालवीय नगर के हौजरानी क्षेत्र स्थित फ्लोरिश स्टे बीएंडबी होटल एंड रेस्टोरेंट में बुधवार को लगी भीषण आग में घायल हुए लोगों को मैक्स अस्पताल और एम्स में भर्ती कराया गया है। इनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। आग और धुएं से बचने के लिए कुछ लोग छत और खिड़कियों से कूद गए, जिससे वे घायल हो गए। हादसे में जान गंवाने वालों में 17 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जो लाइबेरिया, नाइजीरिया, मोजाम्बिक और बांग्लादेश के निवासी थे।
अधिकारियों के मुताबिक, छह मंजिला होटल के बेसमेंट में सुबह 8:50 बजे आग लगी। शुरुआती जांच में पता चला है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी और उसके बाद गैस रिसाव से और भड़क गई। इसके बाद आग ऊपरी मंजिलों पर बने कमरों तक फैल गई। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। उन्होंने खिड़कियों के शीशे तोड़े और कंबल लेकर लोगों को बचाने में जुट गए। इस दौरान करीब 40 लोगों को होटल से सुरक्षित बाहर निकाला गया। वहीं, देर शाम दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने अवैध और बिना एनओसी के संचालित हो रहे होटलों को सील करने के आदेश दिए। सरकार ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दिए हैं।
आग लगने के कारण कुछ लोग चौथी और पांचवीं मंजिल पर फंस गए। आग और धुएं के कारण वे बाहर नहीं निकल पा रहे थे। ऐसे में स्थानीय लोगों ने होटल के नीचे सड़क पर रजाइयां बिछा दीं। कुछ लोगों ने उन पर कूदकर अपनी जान बचाई।
होटल में आने-जाने के लिए केवल एक ही मुख्य रास्ता था और दुर्भाग्यवश आग सबसे पहले इसी मुख्य मार्ग के पास लगी, जिससे लोगों का बाहर निकलना लगभग असंभव हो गया। बताया जा रहा है कि भवन के बेसमेंट में भी कई लोग रह रहे थे और वहां जाने का केवल एक ही रास्ता था, जिस पर बाहर से ताला लगा हुआ था। पुलिस ने ताला काटकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इसके अलावा होटल में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की व्यवस्था भी नहीं थी। होटल के पास फायर एनओसी भी नहीं थी। इसे सरकारी विभागों की गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
होटल के पास मैक्स अस्पताल स्थित है, जहां इलाज के लिए आने वाले लोग अक्सर इसी होटल में ठहरते थे। खास बात यह है कि होटल को केवल छह कमरे बनाने की अनुमति थी, लेकिन उसमें 20 से अधिक कमरे बनाए गए थे। होटल के पास फायर एनओसी भी नहीं थी।
इस भीषण अग्निकांड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'दिल्ली के मालवीय नगर में लगी आग में हुई जान-माल की हानि बेहद दुखद है। अपनों को खोने वाले सभी लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। अधिकारी प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।' प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है।
Updated on:
03 Jun 2026 11:46 pm
Published on:
03 Jun 2026 11:33 pm
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