बैंक में फिक्स्ड डिपोजिट के जरिए अपनी रकम पर ब्याज लेने का ट्रेंड क्या अब भी आपके लिए फायदे का सौदा है या अब ये आउट ऑफ ट्रेंड हो गया है, जानें पंकज चांडक से
भारतीय निवेश बाजार आज एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। एक तरफ Equity (शेयर बाजार) ने पिछले कुछ वर्षों में शानदार रिटर्न दिया है, तो दूसरी तरफ Real Estate हमेशा से भारतीयों की पहली पसंद रहा है। एक पेशेवर चार्टर्ड अकाउंटेंट के नाते मेरा मानना है कि 'Wealth Creation' के लिए इक्विटी और रियल एस्टेट का अपना महत्वपूर्ण स्थान है।
लेकिन, आज का यह लेख विशेष रूप से उन निवेशकों के लिए है जो अपने पोर्टफोलियो का एक हिस्सा 'Safe & Guaranteed' (सुरक्षित और निश्चित) रखना चाहते हैं। जब बात सुरक्षा की आती है, तो भारत में Bank FD सबसे लोकप्रिय है। परंतु, क्या गिरते ब्याज दरों और बढ़ते टैक्स के दौर में FD वाकई 'सर्वश्रेष्ठ सुरक्षित विकल्प' है? आइये एक तुलनात्मक विश्लेषण करते हैं।
Insurance Savings (Rate-Lock): यहां आप आज की उच्च ब्याज दर को अगले 15-20 सालों के लिए अनुबंध कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए वरदान है जो भविष्य में ब्याज दरों के गिरने की चिंता से मुक्त होना चाहते हैं।
सुरक्षा: व्यापारियों के लिए सबसे खास बात यह है कि बैंक FD कानूनी देनदारियों में कुर्क की जा सकती है, लेकिन Married Women’s Property Act (MWPA) के तहत लिया गया इंश्योरेंस प्लान लेनदारों की पहुंच से बाहर होता है* यह आपके परिवार की 'अंतिम सुरक्षा दीवार' है।
यदि आप एग्रेसिव इन्वेस्टर हैं, तो Equity आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि आप फिजिकल एसेट चाहते हैं, तो Real Estate बेहतरीन है।
लेकिन, यदि आप अपने पोर्टफोलियो के 'Safe Bucket' के लिए बैंक FD देख रहे हैं, तो रुकिए! अपनी भविष्य की टैक्स-फ्री इनकम और रेट-लॉक गारंटी के लिए Insurance Savings Plan को प्राथमिकता दें।
अल्पकालिक लिक्विडिटी के लिए FD रखें, लेकिन 'Legacy' और 'Long-term Retirement' के लिए आज ही दरों को सुरक्षित करें।
सलाह: एक स्मार्ट निवेशक वह है जो जानता है कि किस पैसे को जोखिम में डालना है और किस पैसे पर 'गारंटी' की मुहर लगानी है। अपने निवेश पोर्टफोलियो का ऑडिट आज ही अपने फाइनेंशियल कंसल्टेंट से करवाएं।