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Pronto Controversy: ग्राहकों के घरों में कैमरे के इस्तेमाल पर घिरा स्टार्टअप, अब दूसरे फाउंडर ने खोला मोर्चा

AI Controversy: बेंगलुरु की घरेलू सर्विस स्टार्टअप Pronto पर ग्राहकों के घरों के अंदर वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर विवाद गहरा गया है। अब Human Archive के फाउंडर रुशिल अग्रवाल ने दावा किया है कि उन्होंने महीनों पहले यही ट्रेंड Pronto की फाउंडर को बताया था।

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भारत

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Pawan Jayaswal

May 25, 2026

Pronto Controversy

Pronto विवाद बढ़ता जा रहा है। (PC:X)

Pronto Startup News: AI की दुनिया अब सिर्फ मोबाइल और चैटबॉट तक सीमित नहीं रही। मामला अब लोगों के घरों तक पहुंच गया है। बेंगलुरु की स्टार्टअप Pronto इन दिनों इसी वजह से विवादों में घिरी हुई है। आरोप है कि कंपनी से जुड़े कुछ वर्कर्स ग्राहकों के घरों के अंदर कैमरे का इस्तेमाल कर रहे थे, ताकि एआई सिस्टम को ट्रेन करने के लिए डेटा जुटाया जा सके। अब इस विवाद में एक और स्टार्टअप फाउंडर की एंट्री हो गई है। Human Archive के फाउंडर Rushil Agarwal ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्होंने महीनों पहले ही Pronto की फाउंडर अंजली सरदाना से इस ट्रेंड पर बात की थी, लेकिन तब उनका मजाक उड़ाया गया था।

रुशिल अग्रवाल ने लिखा, “जनवरी में मेरी अंजलि सरदाना से बात हुई थी। तब उन्होंने मेरे आइडिया पर हंसते हुए मुझे बेवकूफ जैसा बताया था। अब वही चीज खुद कर रहे हैं।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

क्या करती है ह्यूमन आर्काइव

दरअसल, ह्यूमन आर्काइव एक ऐसी कंपनी है, जो इंसानी व्यवहार का डेटा इकट्ठा करती है। कंपनी लोगों की गतिविधियां, हाथों का मूवमेंट और रोजमर्रा के काम रिकॉर्ड करती है, ताकि भविष्य के AI रोबोट्स और ह्यूमनॉइड मशीनें इंसानों की तरह काम करना सीख सकें। आसान भाषा में समझें तो रोबोट्स को झाड़ू-पोंछा, खाना बनाना या चीजें व्यवस्थित करना सिखाने के लिए इंसानी व्यवहार का डेटा इस्तेमाल किया जाता है।

क्या करती है Pronto?

Pronto एक ऐप बेस्ड प्लेटफॉर्म है, जहां से लोग घर के कामों के लिए हेल्प बुक कर सकते हैं। इसमें झाड़ू-पोंछा, बर्तन धोना, बाथरूम और किचन की सफाई जैसी सेवाएं शामिल हैं। अप्रैल 2025 में शुरू हुई इस कंपनी की वैल्यूएशन एक साल से भी कम समय में 100 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। 23 साल की अंजलि सरदाना इस स्टार्टअप की फाउंडर और CEO हैं। वह इससे पहले Bain Capital और 8VC के साथ काम कर चुकी हैं। उन्होंने अमेरिका की Georgetown University से पढ़ाई की है।

कंपनी ने दी सफाई

विवाद बढ़ने के बाद Pronto ने सफाई भी दी है। कंपनी का कहना है कि कैमरे वाला प्रोग्राम पूरी तरह “ऑप्ट-इन” मॉडल पर आधारित है। यानी ग्राहक की साफ मंजूरी के बिना कोई रिकॉर्डिंग नहीं होती। कंपनी के मुताबिक, यह सिर्फ पायलट प्रोजेक्ट है और इसमें कुल ग्राहकों के लगभग 0.1 फीसदी लोग ही शामिल हैं।

Pronto ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अगर किसी ग्राहक ने खुद इस प्रोग्राम के लिए हामी नहीं भरी है, तो उसके घर किसी कैमरे का इस्तेमाल नहीं किया जाता। कंपनी का दावा है कि हर बुकिंग से पहले दोबारा मंजूरी ली जाती है और पूरा सिस्टम DPDP नियमों के मुताबिक बनाया गया है।