
Sundar Pichai (Image- ChatGPT)
AI Impact On Career: क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हमारी नौकरियां छीन लेगा? आज हर युवा और छात्र के मन में यही सवाल है। हाल ही में गूगल के पूर्व सीईओएरिक श्मिट को भी इसी विषय पर बात करते समय एरिजोना यूनिवर्सिटी के छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ा था। अब गूगल के मौजूदा सीईओ सुंदर पिचाई अगले महीने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के छात्रों से बात करने वाले हैं। लेकिन इस बार पिचाई ने छात्रों के इस डर और चिंताओं को समझते हुए इस विषय पर अपना नजरिया पहले ही साफ कर दिया है।
सुंदर पिचाई ने साफ कहा है कि, एआई को लेकर स्टूडेंट्स का डरना बिल्कुल जायज है। हाल ही में हार्ड फोर्क पॉडकास्ट में बात करते हुए उन्होंने कहा कि, जब कोई इतनी बड़ी और नई तकनीक आती है तो लोगों का घबराना आम बात है। पिचाई ने एआई को इंसान की बनाई अब तक की सबसे बड़ी और असरदार तकनीक बताया है। ऐसे में अगर लोग अपनी नौकरी और भविष्य को लेकर टेंशन में हैं तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि जब कोई इतना बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव आता है तो लोगों का असहज होना आम बात है।
गूगल के सीईओ ने माना कि, इंसान इतनी जल्दी बड़े बदलावों को अपनाने के लिए नहीं बना है। लोग अपनी आर्थिक सुरक्षा और नौकरियों को लेकर डरे हुए हैं। पिचाई ने कहा कि, वह भी अक्सर लोगों को यह कहते हुए सुनते हैं कि, एआई के आने से काम करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा और कुछ नौकरियां तो हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगी।
हालांकि, नौकरियों के खत्म होने की इन नकारात्मक भविष्यवाणियों से पिचाई पूरी तरह सहमत नहीं हैं। उनका मानना है कि, आज के स्टूडेंट्स एआई के समय में एक बहुत खास भूमिका निभाएंगे। पिचाई ने कहा कि उन्हें नई पीढ़ी पर पूरा भरोसा है। यह पीढ़ी सिर्फ एआई का असर नहीं देखेगी बल्कि इसके भविष्य को भी तय करेगी। उनका मानना है कि हर पीढ़ी के सामने बड़ी चुनौतियां आती हैं और आखिर में वे उसके हिसाब से खुद को ढाल लेते हैं और एक बेहतर दुनिया बनाते हैं।
सुंदर पिचाई का मानना है कि एआई इंसानों की जगह नहीं लेगा बल्कि उनकी ताकत और काम करने की रफ्तार को बढ़ाएगा। उन्होंने इसका उदाहरण कंप्यूटर स्प्रेडशीट से दिया जिसने काम के तरीके को बहुत आसान कर दिया था। पिचाई के मुताबिक, एआई से लोग उन मुश्किल कामों को भी आसानी से कर पाएंगे जिन्हें पहले सिर्फ कुछ खास और अनुभवी लोग ही कर पाते थे।
आखिर में पिचाई ने इस बात पर जोर दिया कि, नई तकनीक आने से थोड़ी उथल-पुथल तो होती ही है। आर्थिक बदलावों और नौकरी जाने के डर पर बात होनी चाहिए। लेकिन उनका यह भी मानना है कि दुनिया में एआई के फायदों को नजरअंदाज करके सिर्फ इसके सबसे बुरे पहलुओं पर ही ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारों और कंपनियों को इस बदलाव को गंभीरता से लेना होगा ताकि, भविष्य को बेहतर बनाया जा सके।
Updated on:
25 May 2026 03:26 pm
Published on:
25 May 2026 02:37 pm
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