25 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

PPF और SIP दोनों में हर महीने डालें 2000 रुपये तो 30 साल में कितने मिलेंगे वापस, किस स्कीम में है ज्यादा फायदा?

Investment Tips: PPF और SIP दोनों लंबी अवधि के निवेश विकल्प हैं। लेकिन निवेशक किसे चुने? जानिए दोनों में से कौनसी स्कीम आपके लिए बेहतर रहेगी।

3 min read
Google source verification
long term wealth building

Wealth Building के लिए PPF और SIP दो बढ़िया निवेश स्कीम हैं। (PC:Freepik)

Best Saving Scheme: निवेश करने के लिए आपके सामने बहुत सारी स्कीम्स होती हैं। लेकिन किसे चुना जाए, यह एक बड़ा सवाल होता है। अगर आप हर महीने सिर्फ 2,000 रुपये की बचत करते हैं और उसे सही जगह लगाते हैं, तो 30 साल बाद आपके पास एक मजबूत फंड तैयार हो सकता है। सवाल यह है कि वह सही जगह कौन सी है? PPF और SIP भी अच्छे निवेश विकल्प हैं। ये दोनों अलग-अलग तरीके से काम करते हैं। एक बाजार के जोखिम से दूर है। वहीं, दूसरे में बाजार का जोखिम शामिल है।

PPF क्या है और क्यों चुनें?

पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF भारत सरकार की एक गारंटीड सेविंग स्कीम है, जिसे 1968 में लॉन्च किया गया था। यह उन निवेशकों के लिए बेहतर है, जो बिना किसी जोखिम के लंबी अवधि में पैसा बढ़ाना चाहते हैं। इस समय PPF पर ब्याज दर 7.1 फीसदी है। सरकार हर तीन महीने में इस स्कीम पर ब्याज दर तय करती है। PPF खाता नजदीकी पोस्ट ऑफिस, सरकारी बैंक या कुछ प्राइवेट बैंकों में खोला जा सकता है।

टैक्स बचत है PPF की ताकत

PPF की सबसे बड़ी खासियत इसका EEE कैटेगरी में होना है। इसका मतलब यह है कि इसमें किया गया निवेश, मिलने वाला ब्याज और मेच्योरिटी पर मिली रकम, तीनों पर कोई टैक्स नहीं लगता। पुरानी टैक्स व्यवस्था में PPF में सालाना 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट भी मिलती है। इसका लॉक-इन पीरियड 15 साल है और खाते को 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है।

PPF से कितना मिलेगा रिटर्न

2,000 रुपये प्रति महीने PPF में जमा करने पर 30 साल में करीब 24.72 लाख रुपये का फंड बन सकता है। इसमें 7.20 लाख रुपये आपकी निवेश राशि भी शामिल है। यहां 7.1 फीसदी का औसत सालाना रिटर्न लिया गया है।

SIP में मिलेगा ज्यादा मुनाफा

सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP म्यूचुअल फंड में निवेश का एक शानदार तरीका है। इसमें हर महीने एक तय रकम आपके द्वारा चुने हुए म्यूचुअल फंड में अपने आप जमा हो जाती है। SIP की असली ताकत कंपाउंडिंग है, यानी आपके रिटर्न पर भी आगे ब्याज मिलता रहता है। शुरुआत में यह बढ़त धीमी लगती है, लेकिन 10 से 15 साल बाद आपका फंड तेजी से बढ़ने लगता है। SIP में रुपी कॉस्ट एवरेजिंग का भी फायदा मिलता है। बाजार ऊपर हो तो कम यूनिट मिलती हैं, नीचे हो तो ज्यादा। इस तरह लंबी अवधि में आपकी खरीद की औसत कीमत संतुलित रहती है।

हर महीने 2,000 रुपये 30 साल तक एसआईपी में डालें, तो मैच्योरिटी पर 70.59 लाख रुपये का फंड तैयार हो सकता है। इसमें आपका निवेश 7.20 लाख रुपये होगा। वहीं, 63.39 लाख रुपये ब्याज आय होगी।

2,000 रुपए से 30 साल में कितना बनेगा?

निवेश स्कीममासिक निवेशकुल निवेशअनुमानित रिटर्नकुल फंड
PPF (30 साल तक)2,000 रुपये7.20 लाख17.52 लाख 24.72 लाख
SIP (30 साल तक)2,000 रुपये7.20 लाख63.39 लाख70.59 लाख

PPF और SIP का कॉम्बो क्यों है सबसे स्मार्ट प्लान?

दोनों को मिलाकर चलना सबसे समझदारी भरा फैसला हो सकता है। PPF आपको टैक्स बचत, गारंटीड रिटर्न और सुरक्षा देता है, जबकि SIP लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाने का काम करता है। जो निवेशक जोखिम से बचना चाहते हैं वे PPF में ज्यादा पैसा लगाएं और जो निवेशक थोड़ा जोखिम उठाने को तैयार हैं, वे SIP में ज्यादा रकम डालें। दोनों मिलकर आपकी जिंदगी को फाइनेंशियली मजबूत करते हैं।

शुरुआत कब करें?

निवेश जितनी जल्दी शुरु होगा उतना ही आपको फायदा मिलेगा। 25 साल की उम्र में शुरू किया गया 2,000 रुपये का मासिक निवेश 55 की उम्र तक एक बड़ा फंड बन जाता है। PPF खाते के लिए नजदीकी बैंक या पोस्ट ऑफिस जाएं और SIP के लिए किसी रजिस्टर्ड म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म पर अकाउंट खोल सकते हैं।