गूगल ने भारत और इंडोनेशिया में पर्सनल लोन देने वाले एप्स के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। इस क्रम में गूगल ने नई गाइडलाइन जारी करते हुए दोनों देशों के ऐप डेवलपर्स से 15 सितंबर, 2021 से नियमों का पालन करने को कहा है।
नई दिल्ली। पिछले कुछ समय से गूगल भारत में पर्सनल लोन ऐप्स पर नजर रख रहा है। भारत और इंडोनेशिया पर्सनल लोन देने वाली एप्स डेवलपर्स के खिलाफ कंपनी ने नई गाइडलाइंस जारी की है। एप्स डेवलपर्स से 15 सितंबर, 2021 से अमल करने को भी कहा है। ताजा गाइडलाइन में जरूरी योग्यता के लिए अनिवार्य नियम भी शामिल हैं, जिनका पालन प्ले स्टोर पर रहने के लिए करना जरूरी होगा।
इससे पहले यह चिंता जताई जा रही थी कि ये छोटे लोन वाले ऐप्स देश में यूजर्स को निशाना बना रहे हैं। जनवरी में गूगल ने कहा था कि उसने यूजर्स और सरकारी एजेंसियों से शिकायतों के आधार पर सैकड़ों पर्सनल लोन ऐप्स को हटा दिया है।
ये हैं गूगल के नई गाइडलाइंस
1. नई गाइडलाइंस के तहत ऐप्स डेवलपर्स को भारत के लिए तैयार की गई पर्सलन लोन ऐप डिक्लेरेशन की शर्तों को हर हाल में पूरा करना होगा।
2. एप्स डेवलपर्स गाइडलाइन का पालन करते हैं या नहीं, के लिए जरूरी दस्तावेज उपल्बध कराने होंगे।
3. पर्सनल लोन जारी करने के लिए उनके पास भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी लाइसेंस की एक कॉपी गूगल को देना होगा।
4. गूगल ने कहा कि जो ऐप्स सीधे तौर पर कर्ज देने के काम में नहीं हैं और केवल नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) या बैंकों द्वारा यूजर्स को कर्ज उपलब्ध कराने के लिए प्लेटफॉर्म दे रहे हैं, उन्हें भी अपनी घोषणा में इस जानकारी देनी होगी।
5. गूगल ने यह नियम शाओमी और रियलमी जैसी कंपनियां के लिए जारी की हैं। ये ऐप्स पर्सनल लोन ऐप्स के जरिए थर्ड पार्टी कर्ज देने वाली सेवाओं के लिए प्लेटफॉर्म मुहैया कराती हैं।