
ITR फाइल करने के बाद e-verification करना जरूरी है। (PC: Freepik)
Income Tax Return फाइल करने की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है। ऐसे में अधिकतर लोग बस इनकम टैक्स रिटर्न भरने के बाद समझते है कि पूरा प्रोसेस हो गया। लेकिन इसके बाद एक जरूरी स्टेप बाकी होता है, जिसको पूरा नहीं किया गया तो रिफंड प्रोसेस नहीं होगा। पूरी ITR फाइल भरने के बाद उसे ई-वेरीफाइ (e-verify) कराना बेहद जरूरी है। वित्त वर्ष 2025-26 में कमाई गई इनकम के लिए ITR फाइलिंग शुरू हो चुकी है और इसकी आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है।
ITR भरने के बाद उसकी डिजिटल पुष्टि करने के लिए ई-वेरिफिकेशन किया जाता है, यानी यह एक डिजिटल साइन जैसा होता है। इससे Income Tax Department को पता चलता है कि रिटर्न आपने ही फाइल किया है। इसके बाद आपको साइन किया हुआ ITR-V फॉर्म डाक से भेजने की जरूरत नहीं पड़ती।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नियमों के मुताबिक, e-verification के बिना ITR को अधूरा माना जाता है। इसका सीधा मतलब है कि जब तक रिटर्न verify नहीं होगा, तब तक रिफंड प्रोसेस नहीं होगा। कई बार लोग हफ्तों तक रिफंड का इंतजार करते रहते हैं और बाद में पता चलता है कि e-verification ही नहीं हुई थी। इसलिए फाइलिंग के तुरंत बाद यह कदम उठाना जरूरी है।
इनकम टैक्स पोर्टल पर e-verification के लिए पांच अलग-अलग विकल्प मौजूद हैं।
OTP आधारित verification के लिए इनकम टैक्स पोर्टल पर मोबाइल नंबर और ईमेल अपडेट होना जरूरी है। verification हमेशा सरकार के आधिकारिक पोर्टल या अधिकृत बैंकिंग चैनल से ही करें। किसी भी संदिग्ध लिंक या मैसेज पर क्लिक करने से बचें। e-verification करने में महज कुछ मिनट लगते हैं, लेकिन इसे नजरअंदाज करने पर रिफंड अटक सकता है।
Updated on:
26 May 2026, 1:31 PM IST
Published on:
26 May 2026, 1:14 PM IST
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