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ITR भरने के बाद भूल गए ई-वेरीफाई करना तो नहीं मिलेगा रिफंड, 5 आसान तरीकों से कर सकते हैं यह काम

Income Tax Department: ITR फाइल करने के बाद e-verification न करने पर फाइल अधूरी मानी जाती है और रिफंड रुक सकता है। साल 2026-27 के लिए डेडलाइन 31 जुलाई 2026 है।

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Income Tax Department

ITR फाइल करने के बाद e-verification करना जरूरी है। (PC: Freepik)

Income Tax Return फाइल करने की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है। ऐसे में अधिकतर लोग बस इनकम टैक्स रिटर्न भरने के बाद समझते है कि पूरा प्रोसेस हो गया। लेकिन इसके बाद एक जरूरी स्टेप बाकी होता है, जिसको पूरा नहीं किया गया तो रिफंड प्रोसेस नहीं होगा। पूरी ITR फाइल भरने के बाद उसे ई-वेरीफाइ (e-verify) कराना बेहद जरूरी है। वित्त वर्ष 2025-26 में कमाई गई इनकम के लिए ITR फाइलिंग शुरू हो चुकी है और इसकी आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है।

क्या होता है ई-वेरिफिकेशन

ITR भरने के बाद उसकी डिजिटल पुष्टि करने के लिए ई-वेरिफिकेशन किया जाता है, यानी यह एक डिजिटल साइन जैसा होता है। इससे Income Tax Department को पता चलता है कि रिटर्न आपने ही फाइल किया है। इसके बाद आपको साइन किया हुआ ITR-V फॉर्म डाक से भेजने की जरूरत नहीं पड़ती।

ई-वेरिफिकेशन क्यों है जरूरी?

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नियमों के मुताबिक, e-verification के बिना ITR को अधूरा माना जाता है। इसका सीधा मतलब है कि जब तक रिटर्न verify नहीं होगा, तब तक रिफंड प्रोसेस नहीं होगा। कई बार लोग हफ्तों तक रिफंड का इंतजार करते रहते हैं और बाद में पता चलता है कि e-verification ही नहीं हुई थी। इसलिए फाइलिंग के तुरंत बाद यह कदम उठाना जरूरी है।

पांच तरीकों से करें ई-वेरिफिकेशन

इनकम टैक्स पोर्टल पर e-verification के लिए पांच अलग-अलग विकल्प मौजूद हैं।

  • Aadhaar OTP: यह सबसे आसान और तेज तरीका है। अगर Aadhaar, PAN से लिंक है और मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड है, तो आप इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर आईटीआर को ई-वेरीफाई करा सकते हैं। मोबाइल पर OTP आते ही कुछ मिनटों में verification पूरी हो जाती है।
  • बैंक या डीमैट अकाउंट: इनकम टैक्स पोर्टल पर पहले अकाउंट को pre-validate करना होगा। इसके बाद रजिस्टर्ड मोबाइल या ईमेल पर OTP आएगा और verification हो जाएगी।
  • डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC): यह विकल्प खासतौर पर उन बिजनेस और टैक्सपेयर्स के लिए है जिनके अकाउंट का ऑडिट होना जरूरी है। DSC अटैच करने पर verification सुरक्षित तरीके से पूरी हो जाती है।
  • नेट बैंकिंग: कई बैंक अपने ऑनलाइन पोर्टल पर ITR verification का विकल्प देते हैं। लॉगइन करने के बाद टैक्स फाइलिंग सेक्शन से सीधे इनकम टैक्स पोर्टल पर रीडायरेक्ट होकर verification पूरी की जा सकती है।
  • फिजिकल ITR-V: जो लोग ऑनलाइन तरीका नहीं अपना सकते, वे ITR-V फॉर्म डाउनलोड करके साइन करें और बेंगलुरु स्थित Centralised Processing Centre को भेजें। यह काम फाइलिंग के 30 दिनों के भीतर करना जरूरी है।

इन बातों का रखें ध्यान

OTP आधारित verification के लिए इनकम टैक्स पोर्टल पर मोबाइल नंबर और ईमेल अपडेट होना जरूरी है। verification हमेशा सरकार के आधिकारिक पोर्टल या अधिकृत बैंकिंग चैनल से ही करें। किसी भी संदिग्ध लिंक या मैसेज पर क्लिक करने से बचें। e-verification करने में महज कुछ मिनट लगते हैं, लेकिन इसे नजरअंदाज करने पर रिफंड अटक सकता है।