सब्सिडी के लिए एक सीमा तय करने पर हो रहा विचार। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को ही इसका लाभ देने का प्रयास होगा।
नई दिल्ली। सरकार ने मई 2020 में एलपीजी सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी (LPG Subsidy) खत्म कर दी थी। मगर अब इसे दोबारा से बहाल करा जा सकता है। पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) सब्सिडी के लिए एक सीमा तय करने पर विचार कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इसके लिए एक सर्वे किया जा रहा है।
इसके लिए कई तरह के विकल्पों पर विचार किया जा हा है। इनमें से एक विकल्प है कि केवल प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (Pradhan Mantri Ujjwala Yojana) के लाभार्थियों को ही सब्सिडी दी जाए। सिलेंडर महंगा होने पर बड़ी संख्या में इस योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी का लाभ नहीं मिला।
इस कारण वह सिलेंडर को रीफिल नहीं करा सके। सरकार ने मई 2020 में एलपीजी पर सब्सिडी का खत्म कर दिया। उस समय दिल्ली में 14.2 किलो के एक एलपीजी सिलेंडर की कीमत 581.50 रुपये थी। वहीं अब इसकी कीमत 884.50 रुपये तक पहुंच चुकी है, लेकिन सरकार ने सब्सिडी बहाल नहीं की है।
अभी कितनी है सब्सिडी
दिल्ली में रसोई गैस पर सब्सिडी खत्म है, मगर केंद्र अब भी कुछ राज्यों में फ्रेट कॉस्ट्स (Freight Cost) के रूप में सब्सिडी दे रहा है। हर राज्य में सब्सिडी की राशि अलग-अलग है मगर यह 30 रुपये से कम है। इसके लिए एक सर्वे किया जा रहा है। इससे यह पता लगाने का प्रयास हो रहा है कि किस दाम पर ग्राहक आसानी से एलपीजी सिलेंडर खरीद सकते हैं।
PMUY (Pradhan Mantri Ujjwala Yojana) के लाभार्थी आर्थिक रूप से कमजोर हैं, ऐसे में केवल उन्ही को को सब्सिडी देने पर विचार करा गया है। इस सर्वे के परिणामों के बाद ही कोई फैसला लिया जा सकेगा। ऐसा कहा जा रहा है कि मार्च 2022 तक देश में एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या 30 करोड़ से ज्यादा होगी। इनमें से करीब 20.7 करोड़ उपभोक्ता नियमित उपभोक्ता हैं, मगर ये PMUY में शामिल नहीं हुए हैं।