भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक के एमडी और सीईओ का कार्यकाल तय कर दिया है।किसी भी निजी बैंक के एमडी या सीईओ की अधिकतम आयु 70 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए।
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक आरबीआई ने सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। आरबीआई ने बोर्ड के चेयरमैन, मीटिंग, बोर्ड की विभिन्न समितियों के सदस्यों के संयोजन, आयु, कार्यकाल, निदेशकों के वेतन और डब्ल्यूटीडीएस की नियुक्तियों को लेकर को दिशा- निर्देशों में जारी किए है। आरबीआई ने देश के प्राइवेट सेक्टर के बैंक के प्रबंधक निदेशक, सीईओ और पूर्णकालिक निदेशक के लिए 15 साल का अधिकतम कार्यकाल तय किया है। यह तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा। इसके अलावा इन पदाधिकारियों की आयु भी निश्चित कर दी गई है। रिजर्व बैंक ने सोमवार को सभी वाणिज्यिक बैंकों के लिए जारी एक परिपत्र कहा कि एमडी और मुसीईओ या डब्ल्यूटीडी के पद पर अब कोई 15 से साल से ज्यादा समय तक नहीं रहेगा। आरबीआई ने कहा है कि वह आने वाले समय में बैंकों के कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर मास्टर डायरेक्शन लेकर आएगा।
एमडी औरसीईओ का कार्यकाल 15 वर्ष तय
आरबीआई ने कहा कि एक ही व्यक्ति 15 साल से अधिक समय तक एमडी और सीईओ या पूर्णकालिक निदेशक के पद पर नहीं रह सकता है। बैंक के बोर्ड इन पदों पर आसीन लोगों के लिए इससे कम की सेवानिवृत्ति की आयु तय कर सकते हैं। इसके अलावा एमडी और सीईओ या डब्ल्यूटीडी, जो प्रमोटर या प्रमुख शेयरधारक भी होते हैं। इन पदों को 12 से साल से ज्यादा समय तक अपने पास नहीं रख सकते। बैंकों को 1 अक्टूबर, 2021 तक निर्देशों को अमल में लाना होगा।
अधिकतम उम्र 70 वर्ष तय
केंद्रीय बैंक ने कहा कि निजी क्षेत्र के बैंकों में एमडी और सीईओ या डब्ल्यूटीडी के लिए ऊपरी आयु सीमा पर अतिरिक्त निर्देश जारी रहेंगे। कोई भी व्यक्ति 70 वर्ष की उम्र से आगे एमडी और सीईओ या डब्ल्यूटीडी के पद पर बना नहीं रह सकता। निजी बैंक के बोर्ड एमडी और सीईओ सहित डब्ल्यूटी की सेवानिवृत्ति की आयु 70 साल की उम्र सीमा के भीतर निर्धारित करने के लिए स्वतंत्र हैं।
उदय कोटक पर पड़ सकता है असर
आरबीआई के नए दिशा-निर्देश के अनुसार, मानदंडों में बदलाव से कोटक महिंद्रा बैंक के एमडी और सीईओ उदय कोटक पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। इन नए मानदंडों के अनुसार बैंक के शीर्ष पर एक और पद के लिए पात्र नहीं होंगे।