Autonomy:टेस्ला ने अपनी लेजेंडरी कारों Model S और Model X को रिटायर करने का किया ऐलान; फ्रीमोंट फैक्ट्री में अब हर साल बनेंगे 10 लाख 'ऑप्टिमस' ह्यूमनॉइड रोबोट।
Honorable Discharge: इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्रांति के जनक एलन मस्क ने एक बार फिर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। टेस्ला ने आधिकारिक तौर पर अपनी दो सबसे प्रतिष्ठित और प्रीमियम कारों, Model S और Model X, का उत्पादन बंद करने का निर्णय लिया है। यह फैसला केवल एक मॉडल बंद करना नहीं है, बल्कि टेस्ला के भविष्य के स्वरूप को पूरी तरह बदलने की एक सोची-समझी रणनीति है। मस्क अब टेस्ला को एक कार कंपनी से बदल कर दुनिया की सबसे बड़ी AI और रोबोटिक्स फर्म बनाने की राह पर निकल पड़े हैं।
Model S वह कार थी, जिसने साबित किया था कि इलेक्ट्रिक गाड़ियां न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि वे लग्जरी और रफ्तार का बेजोड़ संगम भी हो सकती हैं। वहीं, 'फाल्कन विंग' दरवाजों वाली Model X ने एसयूवी (SUV) सेगमेंट में तकनीक की नई परिभाषा गढ़ी थी। लेकिन, बिजनेस डेटा और मार्केट रिपोर्ट्स के अनुसार, टेस्ला की कुल बिक्री में इन दोनों मॉडलों की हिस्सेदारी अब घट कर 5% से भी कम रह गई थी। टेस्ला की अधिकतर कमाई अब Model 3 और Model Y से आ रही है।
एलन मस्क का मानना है कि भविष्य कारों की मैन्युफैक्चरिंग में नहीं, बल्कि उन मशीनों में है, जो कारों को चलाएंगी। टेस्ला अब अपना पूरा ध्यान और निवेश तीन मुख्य क्षेत्रों पर केंद्रित कर रही है:
Optimus (ह्यूमनॉइड रोबोट): टेस्ला का लक्ष्य ऐसे रोबोट बनाना है, जो कारखानों से लेकर घरों तक के काम कर सकें। मस्क के अनुसार, 'ऑप्टिमस' की वैल्यू भविष्य में टेस्ला के कार बिजनेस से कई गुना अधिक होगी।
Full Self-Driving (FSD): टेस्ला अपनी AI चिप्स और न्यूरल नेटवर्क को इतना एडवांस बनाना चाहती है कि ड्राइवर की जरूरत पूरी तरह खत्म हो जाए।
Robotaxi: पुरानी कारों को बंद करने का एक बड़ा कारण 'रोबोटैक्सी' के लिए प्रोडक्शन लाइन खाली करना है, जो बिना स्टीयरिंग व्हील वाली गाड़ियां होंगी।
वॉल स्ट्रीट के विश्लेषकों और आर्थिक पोर्टल्स के आंकड़ों के मुताबिक, टेस्ला के इस फैसले से कंपनी के मार्जिन में सुधार होने की उम्मीद है। कम बिकने वाले महंगे मॉडलों को हटाकर टेस्ला अपनी उत्पादन लागत (Operating Cost) कम कर सकेगी। हालांकि, शॉर्ट-टर्म में निवेशकों के बीच थोड़ी घबराहट है, लेकिन लॉन्ग-टर्म इनवेस्टर्स इसे एक 'टेक्नोलॉजी शिफ्ट' के रूप में देख रहे हैं।
ग्लोबल ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स का कहना है कि मस्क ने यह कदम उठाकर प्रतिद्वंद्वी कंपनियों (जैसे लुसिड और मर्सिडीज) के लिए लग्जरी ईवी सेगमेंट में रास्ता खाली कर दिया है। वहीं, टेक एनालिस्ट्स का मानना है कि यह फैसला टेस्ला को 'एप्पल ऑफ रोबोटिक्स' बना सकता है। अगर टेस्ला का एआई विजन सफल होता है, तो वह ट्रिलियन डॉलर क्लब में अपनी जगह और मजबूत कर लेगी।
इन्वेंटरी क्लियरेंस: जो गाड़ियां पहले से बन चुकी हैं, उन्हें बेचने के लिए टेस्ला बड़े डिस्काउंट की घोषणा कर सकती है।
नई लॉन्चिंग: क्या टेस्ला 2026 के अंत तक अपनी पहली पूरी तरह से 'AI-Driven' किफायती कार पेश करेगी?
शेयर बाज़ार: बजट और यूएस फेड की मीटिंग के साथ टेस्ला के इस फैसले का असर नैस्डैक (NASDAQ) पर कैसा रहेगा, इस पर नज़र रहेगी।
एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि Model S और X को बंद करने से टेस्ला के प्रीमियम ग्राहक अब किधर जाएंगे? क्या वे 'साइबरट्रक' की ओर शिफ्ट होंगे या अन्य ब्रांड्स को चुनेंगे? इसके अलावा, पूरी तरह रोबोटिक्स पर निर्भरता से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार के नए संकट या नए अवसरों (AI इंजीनियर्स की मांग) पर भी बहस छिड़ गई है। यह फैसला वैश्विक सप्लाई चेन और सेमीकंडक्टर की मांग भी प्रभावित करेगा, क्योंकि एआई प्रोसेसिंग के लिए अधिक उन्नत चिप्स की आवश्यकता होगी।