कारोबार

सैलरीड जॉब्स में हुई बढ़ोतरी, आईटी सेक्टर में गिरावट

सीएमआईए के अनुसार, सितंबर में श्रम भागीदारी दर 40.5 फीसदी से बढ़कर 40.7 फीसदी हो गई और रोजगार दर 37.2 फीसदी से बढ़कर 39.7 फीसदी पर पहुंच गई। सीएमआईए के सीईओ महेश व्यास ने कहा सितंबर में सबसे अच्छी बात वेतनभोगी नौकरियों में वृद्धि रहा। सैलरीड जॉब्स सितंबर में 69 लाख बढ़ी जिससे देश के कुल श्रम बल में वेतनभोगी नौकरियों की संख्या 8.41 करोड़ हो गई।

less than 1 minute read
Oct 04, 2021
Jobs in India
Share Market Today: 11,600 के उपर खुला निफ्टी, सेंसेक्स में 39 अंकों की तेजी

नई दिल्ली। सितंबर में सैलरीड़ जॉब्स व दिहाड़ी मजदूरों के रोजगार में तेजी आई, वहीं कृषि, शिक्षा और आईटी सेक्टर में नौकरियों में गिरावट दर्ज की गई। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIA) के आंकड़ों के अनुसार वेतनभोगी नौकरियां बढ़ने से सितंबर में 85 लाख लोगों को नौकरी मिली, जिससे बेरोजगारी दर अगस्त के 8.3 फीसदी से घटकर सितंबर में 6.9 फीसदी पर आ गई। पिछले 20 माह में बेरोजगारी दर में यह सबसे बड़ी गिरावट है।

69 लाख बढ़ी सैलरीड़ जॉब्स सितंबर में
सीएमआईए के अनुसार, सितंबर में श्रम भागीदारी दर 40.5 फीसदी से बढ़कर 40.7 फीसदी हो गई और रोजगार दर 37.2 फीसदी से बढ़कर 39.7 फीसदी पर पहुंच गई। सीएमआईए के सीईओ महेश व्यास ने कहा सितंबर में सबसे अच्छी बात वेतनभोगी नौकरियों में वृद्धि रहा। सैलरीड जॉब्स सितंबर में 69 लाख बढ़ी जिससे देश के कुल श्रम बल में वेतनभोगी नौकरियों की संख्या 8.41 करोड़ हो गई।

डेली वर्कर्स के रोजगार में उछाल
दिहाड़ी मजदूरों के रोजगार में उछाल आया है। अगस्त में इनकी संख्या 12.84 करोड़ थी जो 55 लाख बढ़कर 13.40 करोड़ पर पहुंच गई। डेली वेज वर्कर्स का आंकड़ा सितंबर, 2021 में प्री-कोविड लेवल के 13.05 करोड़ को पार कर गया।

शिक्षा और कृषि में नौकरियां घटीं
सितंबर, 2021 में कृषि से जुड़े रोजगार में गिरावट आई। अगस्त में कृषि क्षेत्र में 11.60 करोड़ लोग काम कर रहे थे, जो सितंबर में घटकर 11.30 करोड़ रह गए। जबकि एजुकेशन सेक्टर में वित्त वर्ष 2019-20 में 18 लाख लोग काम करते थे, जिनकी संख्या वित्त वर्ष 2020-21 में केवल दस लाख रह गई।

Published on:
04 Oct 2021 08:28 am