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Property Tax क्या होता है, कैसे होती है इसकी गणना? पेमेंट लेट होने पर लगेगी भारी पेनल्टी

Property Tax नहीं चुकाना आप पर काफी भारी पड़ सकता है। यह एनुअल टैक्स होता है। लेकिन आपने नहीं भरा तो इस पर भारी पेनल्टी लग सकती है।
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Feb 20, 2026
Tax hike of up to 15 percent possible in Bhopal Municipal Corporation
Tax hike of up to 15 percent possible in Bhopal Municipal Corporation

Property Tax या हाउस टैक्स एक ऐसा टैक्स है, जिसके बारे में अक्सर लोग अवेयर नहीं रहते। कई मामले ऐसे भी सामने आते हैं जब लोगों पर प्रॉपर्टी टैक्स की भारी-भरकम देनदारी बन जाती है और उस पर पेनल्टी लगती रहती है। नगर निगम या स्थानीय नगर निकायों द्वारा प्रॉपर्टीज पर हाउस टैक्स या प्रॉपर्टी टैक्स लगाया जाता है। आमतौर पर यह एनुअल होता है। हालांकि, कुछ नगर निकाय छमाही या तिमाही पेमेंट का विकल्प भी देते हैं।

यह टैक्स नगर निकाय क्षेत्र के अंदर आने वाले प्रॉपर्टी मालिकों द्वारा दिया जाता है। प्रॉपर्टी की कीमत जितनी ज्यादा होगी, उतना ही अधिक टैक्स देना होगा। इस टैक्स से प्राप्त राशि आमतौर पर स्थानीय सरकारों की आय का मुख्य स्रोत होता है। इस रकम का उपयोग पार्क, सड़कें, सीवेज सिस्टम और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के रखरखाव और सुधार के लिए किया जाता है।

प्रॉपर्टी टैक्स कैसे कैलकुलेट किया जाता है?

हर नगर निगम का प्रॉपर्टी टैक्स कैलकुलेट करने का तरीका अलग हो सकता है, क्योंकि यह स्थानीय कानूनों और नियमों पर आधारित होता है। कई नगर निगम निम्न फॉर्मूले का उपयोग करते हैं:

प्रॉपर्टी टैक्स = (बेस वैल्यू × बुइल्ट अप एरिया × ऐज फैक्टर × टाइप ऑफ बिल्डिंग × कैटेगरी ऑफ यूज) – डेप्रिसिएशन

इस फॉर्मूला में:

बेस वैल्यू किसी क्षेत्र में प्रति वर्ग फुट प्रॉपर्टी की कीमत है।
बुइल्ट अप एरिया में कारपेट एरिया के साथ दीवारें और अन्य निर्मित एरिया शामिल होता है।
ऐज फैक्टर में बिल्डिंग की उम्र देखी जाती है। नई बिल्डिंग्स पर आमतौर पर अधिक टैक्स लगता है।
टाइप ऑफ बिल्डिंग में बिल्डिंग का प्रकार जैसे- हाउसिंग, कमर्शियल या इंडस्ट्रियल आते हैं।
कैटेगरी ऑफ यूज में प्रॉपर्टी का उपयोग- पर्सनल यूज, रेंटेड या वेकेंट देखा जाता है।
डेप्रिसिएशन बिल्डिंग की ऐज और स्थिति के आधार पर दी जाने वाली छूट होती है, जिसे टैक्स से घटाया जाता है।

हाउसिंग प्रॉपर्टी के लिए प्रॉपर्टी टैक्स कैसे तय होता है?

आवासीय संपत्ति के प्रॉपर्टी टैक्स की गणना करते समय कई फैक्टर्स को ध्यान में रखा जाता है:

लोकेशन : प्राइम एरिया या शहर के केंद्र में स्थित प्रॉपर्टीज पर अधिक टैक्स लगता है।
प्रॉपर्टी की उम्र: नई प्रॉपर्टीज पर अधिक टैक्स हो सकता है, लेकिन उन्हें अधिक डेप्रिसिएशन का लाभ भी मिल सकता है।
प्रॉपर्टी का आकार: बड़ी प्रॉपर्टीज पर अधिक टैक्स लगता है।
उपयोग: पर्सनल यूज और किराए पर दी गई प्रॉपर्टीज पर टैक्स अलग हो सकता है।
प्रॉपर्टी का प्रकार: इंडिपेंडेंट हाउस या अपार्टमेंट के अनुसार टैक्स अलग हो सकता है।

प्रॉपर्टी टैक्स देरी से भरने पर पेनल्टी

प्रॉपर्टी मालिकों को पेनल्टी से बचने के लिए समय पर प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करना चाहिए। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, देर से भुगतान करने पर राज्य या नगर निगम की पॉलिसी के अनुसार 5% से 20% तक ब्याज या जुर्माना लग सकता है। यह अतिरिक्त शुल्क मूल प्रॉपर्टी टैक्स के ऊपर लगाया जाता है। उदाहरण के तौर पर, पिछले साल अप्रैल में ब्रुहट बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) ने घोषणा की थी कि जो प्रॉपर्टी मालिक अपना प्रॉपर्टी टैक्स समय पर नहीं भरेंगे, उन्हें बकाया राशि के बराबर जुर्माना और सालाना 15% तक ब्याज देना होगा।

Updated on:
20 Feb 2026 01:10 pm
Published on:
20 Feb 2026 01:10 pm