कारोबार

यूरोप के पास है अमेरिका को काउंटर करने के लिए 8 ट्रिलियन डॉलर का हथियार, जानिए क्या है ‘सेल अमेरिका ट्रेड’

Sell America Trade: यूरोप अमरिका का सबसे बड़ा कर्जदाता है। यूरोपीय देशों के पास 8 लाख करोड़ डॉलर के यूएस बॉन्ड और शेयर हैं। सेल अमेरिका ट्रेड से यूएस को काफी नुकसान हो सकता है।
2 min read
Jan 20, 2026
What is Sell America Trade
यूरोप में सेल अमेरिका ट्रेड जोर पकड़ रहा है। (PC: AI)

Sell America Trade: अमेरिका और यूरोपीय यूनियन के बीच इस समय तनातनी चल रही है। ट्रंप ने कहा है कि जब तक यूरोपीय देश अमेरिका को ग्रीनलैंड खरीदने की अनुमति नहीं देंगे, तब तक यूरोपीय देशों पर भारी टैरिफ लगाया जाएगा। इस तनाव के बीच कई यूरोपीय देशों के सैनिक ग्रीनलैंड पहुंच गये हैं। अब यूरोपीय यूनियन ने जवाबी कदमों पर विचार करना शुरू कर दिया है। अब सवाल यह है कि यूरोप कैसे अमेरिका को काउंटर करेगा? विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोपीय यूनियन के पास सबसे ताकतवर हथियार वित्तीय बाजारों में ही मौजूद है।

'ग्रीनलैंड पर कोई समझौता नहीं'

अब तक यूरोपीय अधिकारियों ने साफ संकेत दिया है कि ग्रीनलैंड की संप्रभुता एक “रेड लाइन” है, जिस पर कोई समझौता नहीं हो सकता। जबकि ट्रंप प्रशासन भी अपने रुख से पीछे हटने को तैयार नहीं है। फ्रांस पहले ही यूरोपीय यूनियन से अपने “एंटी-कोएर्शन इंस्ट्रूमेंट” (जबरदस्ती के खिलाफ उपाय) को लागू करने का आग्रह कर चुका है, जिसके तहत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश, फाइनेंस और ट्रेड को निशाना बनाया जा सकता है।

यूरोप है अमेरिका का सबसे बड़ा कर्जदाता

अमेरिका की एक बड़ी कमजोरी है, जिसका फायदा यूरोपीय यूनियन उठा सकता है। यूरोप के पास बड़ी मात्रा में अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड हैं। यूरोप के पास रखे इन बॉन्ड्स की वजह से अमेरिका को अपने भारी बाहरी घाटे को संतुलित करने में मदद मिलती है। साथ ही बता दें कि यूरोप अमेरिका का दुनिया का सबसे बड़ा कर्जदाता है। अमेरिका को व्यापार घाटे की भरपाई के लिए विदेशों से बड़े पैमाने पर पूंजी की जरूरत होती है।

यूरोपीय देशों के पास 8 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी बॉन्ड

यूरोपीय देशों के पास 8 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी बॉन्ड और शेयर हैं। यह दुनिया के बाकी हिस्सों में मौजूद अमेरिकी बॉन्ड और शेयर का लगभग दोगुना है। अब जब यूरोपीय देशों और अमेरिका के बीच तनातनी का माहौल है, तो यूरोप क्यों अमेरिका को घाटा संतुलित करने में मदद करता रहेगा? पिछले साल जब ट्रंप ने वैश्विक व्यापार और फाइनेंस को उलट-पुलट करने की धमकी दी थी, तब डेनमार्क के पेंशन फंड सबसे आगे रहे थे और उन्होंने डॉलर में निवेश घटाकर पैसा वापस अपने देश में लाना शुरू कर दिया था।

सेल अमेरिका ट्रेड

ये कदम “सेल अमेरिका” ट्रेड का हिस्सा थे, जिसमें निवेशकों ने डॉलर बेस्ड एसेट्स बेचना शुरू कर दिया था, क्योंकि उन्हें इस बात पर डाउट था कि ये एसेट्स सुरक्षित निवेश रहेंगे और अच्छा रिटर्न देंगे। पिछले कुछ दिनों की घटनाएं डॉलर से धीरे-धीरे बाहर निकलने को और बढ़ावा दे सकती हैं।

Updated on:
20 Jan 2026 01:32 pm
Published on:
20 Jan 2026 01:32 pm