
नई दिल्ली: कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में हाहाकार मचा रखा है अब इसका असर व्यापार जगत पर भी दिखने लगा है कम से कम भारत के इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों का तो यही कहना है । दरअसल corona virus के चलते चीन से आने वाले कंपोनेंट्स की आपूर्ति बाधित हो रही है जिसकी वजह से भारत में स्मार्टफोन और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों ने उत्पादन में कटौती और नए उत्पादों के लॉन्च में देरी होने की बात कही है। आपको बता दें कंपोनेंट्स सप्लाई में जितनी देर होगी इलेक्ट्रॉनिक उद्योग पर इस बात का उतना ही ज्यादा असर पड़ेगा।
आपको मालूम हो कि टेलीविजन प्रोडक्शन में इस्तेमाल होने 75 फीसदी कंपोनेंट्स और स्मार्टफोन कवर्स के 85 फीसदी कंपोनेंट्स चीन से आते हैं । मोबाइल डिस्प्ले, ओपन सेल टीवी पैनल, मुद्रित सर्किट बोर्ड, कैपेसिटर, मेमोरी और एलईडी चिप्स जैसे इंपोर्टेंट कंपोनेंट्स चीन से आयात किए जाते हैं। इसी तरह एयर कंडीशनर कंप्रेशर्स और वॉशिंग मशीन मोटर्स की सप्लाई भी चायनीज कंपोनियों द्वारा की जाती है।
बढ़ सकती है इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमत-
बाजार की हालत देखते हुए चायनीज कंपनियों ने कंपोनेंट्स की कीमत में 2-3 फीसदी की बढ़ोत्तरी कर दी है और जिस तरह के हालात बन रहे हैं उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि इन चीजों की कीमत में अभी और भी इजाफा होगा । जिसकी वजह से भारत में इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की कीमत में भी बढ़ोत्तरी हो सकती है।
शटडाउन के लिए कंपनियां की तैयारी अधूरी-
अमूमन नए साल के मौके पर चायनीज शटडाउन के लिहाज से भारतीय फैक्ट्रीज तैयार थी लेकिन चीन में कई शहरों ने अपनी छुट्टियों को बढ़ा दिया है ।जिसका असर भारत में विनिर्माण पर प्रभाव पड़ेगा।नए साल की छुट्टी 31 जनवरी को समाप्त होने वाली थी, लेकिन कई चीनी शहरों में अधिकारियों ने छुट्टियों को 9 फरवरी तक बढ़ा दिया है, और यह लंबे समय तक आगे बढ़ सकता है। जिसकी वजह से इन कंपनियों का उत्पादन बुरी तरह से प्रभावित हो सकता है।
वहीं कोरोनो वायरस की बात करें तो ये वायरस तेजी से पूरी दुनिया में फैल रहा है अब तक चायना समेत लगभग 16 देशों में ये वायरस फैल चुका है। और मंगलवार तक 6000 मामले सामने आने के साथ 130 लोगं की इस वायरस की वजह से मौत हो चुकी है।
चायना का विकल्प ढूंढने में लगी कंपनियां-
एप्पल के सीईओ टिम कुक ने बुधवार को चायना का अल्टरनेट ढूंढने की बात कही है ताकि चायनीज आपूर्ति में कमी की भरपाई की जा सके । उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और उपकरण निर्माता एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल नंदी ने कहा, हालांकि, घटकों के लिए वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों को जल्दी से विकसित करना मुश्किल होगा। वहीं गोदरेज अप्लायंसेज के बिजनेस हेड नंदी ने कहा, उद्योग 20-30 दिनों के कच्चे माल की आपूर्ति कम के साथ काम करता है।