कार खरीदने से पहले टेस्ट ड्राइव जरूर लें। ताकि आपको कार की सही कंडीशन का अंदाजा लग सकें। ये ड्राइव कम से कम 60 किमी की होनी चाहिए।
नई दिल्ली : ऑटोमोबाइल सेक्टर में मंदी का दौर है कार कंपनियां घटती बिक्री से परेशान है लेकिन ऐसे में एक बात जो नोटिस की जा रही है वो ये है कि सेकेंड हैंड यानि यूज्ड कारों का बाजार काफी बढ़ा है । यानि लोग सेकेंड हैंड कार्स को खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं । इस समय देश में पुरानी कारों का बाजार 44 लाख यूनिट्स का है जोकि 2023 तक बढ़कर 66 लाख यूनिट्स तक रहने का अनुमान है। लेकिन पुरानी कार खरीदने में जोखिम भी है। अगर आप कार खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान नहीं रखेंगे तो फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। इसीलिए आज हम आपको कुछ ऐसी बातों के बारे में बताएंगे जिनका ध्यान रखना बेहद जडरूरी होता है। तो अगर आप भी पुरानी कार खरीदने का प्लान करने कर रहे हैं तो ये आर्टिकल आपको लिए हैं।
कार का सर्विस रिकॉर्ड चेक करें-
कार की सर्विस हिस्ट्री कार मालिक से लेकर देखें। जिससे आपको पता चल जाएगा कि कार की सर्विसिंग और मेंटेनेंस कब-कब हुई है और कब कोई बड़ी खराबी कार में हुई ।
कार खरीदने से पहले मकैनिक को दिखाए-
कार को फाइनल करने से पहले एक मैकेनिक को जरूर दिखाएं ताकि वो ठीक से कार की हालत का जायजा ले सके।
RC चेक करें - कार को खरीदते वक्त जाहिर है आप उसकी आर सी जरुर देखेंग। RC में लिखी डेट बोनट के नीचे गाड़ी की मैन्युफैक्चर डेट से मिलती है या नहीं यह भी चेक कर लें। ताकि आप किसी भी तरह की जालसाजी से बच सकें-
टेस्ट ड्राइव लें- कार खरीदने से पहले टेस्ट ड्राइव जरूर लें। ताकि आपको कार की सही कंडीशन का अंदाजा लग सकें। ये ड्राइव कम से कम 60 किमी की होनी चाहिए। कार चलाकर उसका पिकअप, गियर शिफ्टिंग, एक्सिलेरेटर का पता लगाया जा सकता है कि इनमें कोई खराबी तो नहीं है।
मीटर से होती है छेड़छाड़- कार के मीटर से लोग कई बार छेड़छाड़ करके बेच देते हैं ताकि कार की अच्छी कीमत मिल सके और ये जालसाजी सबसे ज्यादा खतरनाक होती है। इसका पता आप मकैनिक या टेस्ट ड्राइव के जरिए आसानी से कर सकते हैं।