केजरीवाल सरकार ( KEJARIWAL Government ) चाहती है कि अगले 5 सालों में दिल्ली में कम से कम 5 लाख इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर हों और इसके लिए सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों पर छूट ( Subsidy On Electric Vehicles ) का भी ऐलान कर चुकी है।
नई दिल्ली: Electric Vehicles ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का फ्यूचर हैं । दिल्ली की केजरीवाल सरकार भी इस बात को समझती है यही वजह है कि सरकार अपने यहां इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए योजना बना रही है। केजरीवाल सरकार ( KEJARIWAL Government ) चाहती है कि अगले 5 सालों में दिल्ली में कम से कम 5 लाख इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर हों और इसके लिए सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों पर छूट ( Subsidy On Electric Vehicles ) का भी ऐलान कर चुकी है।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि फिलहाल दिल्ली में फिलहाल दिल्ली में केवल 900 के आसपास इलेक्ट्रिक कारें और लगभग 3,700 ई-टूव्हीलर्स (e- two wheelers) ही हैं। दिल्ली में पंजीकृत कुल 110 लाख से अधिक वाहनों में से लगभग 83,000 इलेक्ट्रिक वाहन हैं. इनमें ज्यादातर ई-रिक्शा हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार इन वाहनों पर सब्सिडी देने के साथ आधुनिक सुविधाओं से लैस सार्वजनिक चार्जिग स्टेशन भी स्थापित करने की योजना बना रही है। आपको मालूम हो कि इसकी शुरूआत पटपड़गंज में सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिग स्टेशन से ह चुकी है। पटपड़गंज स्थित इस पहले सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिग स्टेशन में एक साथ चार वाहनों को 45 से 90 मिनट तक चार्ज किया जा सकता है। इसमें एसयूवी, महिंद्रा, हुंडई, कोना इत्यादि हैवी ड्यूटी वाहनों की भी चार्जिग हो सकती है.
चार्जिंग शुल्क- ईवी चार्जिग सुविधा का प्रारंभिक शुल्क सीमित अवधि के लिए 10.50 रुपये प्रति यूनिट होगा जो फिलहाल सबसे कम है और यहां चार्जिंग के लिए प्री बुकिंग फैसिलिटी भी मिलेगी जिसके लिए आपको गूगल प्ले स्टोर ( PLAY STORE ) से प्लग एनजीओ नामक सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन भी डाउनलोड कर सकते हैं। 1 वर्ष के भीतर दिल्ली के विभिन्न इलाकों में 200 चार्जिग स्टेशन बनाए जाएंगे।
दिल्ली की अर्थव्यवस्था को गति देने और प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार ने ये योजना बनाई है । सरकार का लक्ष्य है कि 2024 तक खरीदे जाने वाले वाहनों में 25 फीसदी वाहन इलेक्ट्रिक वाहन होने चाहिए ।