घूमने के कुछ शौकीन सैलानी बनकर अपना शौक पूरा करते हैं तो कुछ पर्यटन को ही अपना रोजगार बना लेना चाहते हैं।
अगर आपको घूमना-फिरना अच्छा लगता है तो यह आर्टिकल खास आपके लिए ही है। घूमने के कुछ शौकीन सैलानी बनकर अपना शौक पूरा करते हैं तो कुछ पर्यटन को ही अपना रोजगार बना लेना चाहते हैं। अगर आपको भी पर्यटन का क्षेत्र अपनी ओर आकर्षित करता है तो फिर आप इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट से टूर एस्कॉर्ट बनने के लिए शॉर्ट टर्म कोर्स कर सकते हैं।
टूर गाइड्स, टूरिज्म टीचर या टूर एस्कॉर्ट कोर्स के बारे में
जो लोग टूर गाइड्स, टूरिज्म टीचर या टूर एस्कॉर्ट बनना चाहते हैं, वह यह कोर्स इंस्टीट्यूट की ग्वालियर शाखा से कर सकते हैं। इस शॉर्ट कोर्स में इंडियन आर्कीटेक्चर और आइकोनोग्राफी के बारे में व्याख्या करना बताया जाएगा। याद रखें, कोर्स के बाद इंस्टीट्यूट जॉब की कोई गारंटी नहीं देता है। कोर्स की फीस 5000 रुपए रखी गई है, जो ऑनलाइन, डीडी या कैश जमा कराई जा सकती है। डीडी को 10 जुलाई से पहले जमा कराना होगा। ट्रांजिक्शन संबंधी सारी डिटेल्स वेबसाइट पर हैं।
टूर गाइड्स, टूरिज्म टीचर या टूर एस्कॉर्ट के कोर्स के लिए कैसे करें आवेदन
आवेदकों को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट की वेबसाइट www.iittm.ac.in पर जाकर अप्लाई करना होगा। एप्लीकेशन डाउनलोड करके dixit246@gmail.com /ramesh devrath@gmail.com / artist.ramakrishna@gmail.com पर ट्रांजिक्शन डिटेल्स के साथ भेजें।
ये हैं जरूरी तारीखें
संस्थान में यूं तो कई और शॉर्ट टर्म कोर्स चलाए जा रहे हैं लेकिन इंटरप्रिटेटिंग इंडियन आर्कीटेक्चर एंड आइकोनोग्राफी कोर्स के लिए 10 जुलाई, 2018 तक फॉर्म भरकर जमा करवा सकते हैं। फीस का पेमेंट भी 10 जुलाई तक करना होगा। कक्षा 14 जुलाई से 19 जुलाई, 2018 ग्वालियर कैंपस में होंगी।
रुकने संबंधी सुविधा
बाहर से आने वाले आवेदकों को पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर 200 रुपए प्रति रात्रि भुगतान पर इंस्टीट्यूट के होस्टल में जगह मिल सकती है। होस्टल की सुविधा में आगे बढ़ोतरी तभी होगी, जब अगले कोर्स के लिए तुरंत रजिस्ट्रेशन करवा लिया जाएगा। किसी भी कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन ज्यादा हों तो आवेदकों की पर्याप्त संख्या होने पर अगला बैच चलाया जाएगा और होस्टल में एक्सटेंशन मिलेगा।