
चेन्नई. पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू का पाकिस्तान को दक्षिण भारत से बेहतर बताए जाने से उपजा विवाद नहीं थम रहा है। तमिलनाडु भाजपा ने उनके पाकिस्तान प्रेम और दक्षिण भारत को नीचा दिखाने जैसी टिप्पणी की जमकर निन्दा करते हुए मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया। खास बात है कि शुक्रवार को कसौली में खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में पूर्व क्रिकेटर ने विवादित बयान दिया कि 'पाकिस्तान में न भाषा बदलती है और न ही लोग बदलते हैं। जबकि दक्षिण भारत में जाने पर भाषा से लेकर खानपान तक सबकुछ बदल जाता है। आपको वहां रहने के लिए अंग्रेजी या तेलुगु सीखनी पड़ेगी लेकिन पाकिस्तान में यह आवश्यक नहीं है।Ó
सिद्धू ने विवादित बयान पर टिप्पणी
चेन्नई जिला कलक्टर कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते प्रदेश भाजपाध्यक्ष तमिलइसै सौंदरराजन ने कहा सिद्धू ने विवादित बयान में तमिलनाडु की संस्कृति और आहार-विचार पर भी टिप्पणी की है। तमिलनाडु के किसी भी राजनीतिक दल ने इसकी आलोचना नहीं की है। लेकिन भाजपा को तमिल भावनाओं और जनता की पूरी कद्र है। तमिलनाडु के प्रति ओछी टिप्पणी करने वाले सिद्धू को सार्वजनिक माफी मांगनी और इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की मदद की वजह से ही श्रीलंकाई सेना ने वहां तमिलों का कथित नरसंहार किया। ऐसे में तमिल और तमिलों के प्रति बोलने का कांग्रेस को कोई हक नहीं है। जबकि भाजपा वहां विस्थापित तमिलों के पुनर्वास में जुटी है।
केरल और तमिलनाडु में विरोध प्रदर्शन बढ़ रहा
सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश मामले में उनका कहना था कि अधिकांश अयप्पा भक्तों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानने से इनकार कर दिया है। केरल और तमिलनाडु में विरोध प्रदर्शन बढ़ रहा है। जनभावना का सम्मान करना ही सरकार का कर्तव्य होना चाहिए। केरल के मुख्यमंत्री का कहना है कि वे कानून से बंधे हैं और इसका उल्लंघन नहीं करने वाले लेकिन प्रश्न यह है कि क्या उनकी पार्टी ने कभी भी कानूनी फैसले के खिलाफ प्रदर्शन नहीं किया।