Tamilnadu Govt
चेन्नई. केंद्र सरकार द्वारा तमिलनाडु के साथ ‘विश्वासघात’ करने, उसे ‘वित्तीय सहायता से वंचित करने’ और राष्ट्रीय शिक्षा नीति को जबरन लागू करने के खिलाफ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और उसके सहयोगी दल 18 फरवरी को यहां वृहद प्रदर्शन करेंगे। सत्तारूढ़ द्रमुक ने सोमवार को यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पार्टी ने केंद्र पर राज्य के अधिकारों पर अतिक्रमण के प्रयास का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन केवल प्रारंभिक कदम है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तमिलनाडु सरकार से कहा है कि जब तक राज्य नई शिक्षा नीति को स्वीकार नहीं करेगा, तब तक केंद्र राज्य शिक्षा विभाग को धन जारी नहीं करेगा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी तमिलनाडु के लिए धन आवंटन में पक्षपात कर रही हैं और राज्य की परियोजनाओं की अनदेखी कर रही हैं।
द्रमुक ने केंद्र सरकार पर राज्यपाल के माध्यम से दखलंदाजी’ करने, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के जरिए राज्य की शिक्षा प्रणाली को क्षति पहुंचाने और द्रविड़-तमिल विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। इसके अलावा, उसने केंद्र पर राज्य में तीन भाषा नीति की आड़ में हिंदी थोपने का भी आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि मोदी सरकार तमिलनाडु के साथ विश्वासघात कर रही है। ऐसे मेंं राज्य में केन्द्र सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन अपरिहार्य हो गया है।