
चेन्नई. मक्कल नीदि मय्यम के संस्थापक कमल हासन ने गुरुवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह तमिलनाडु के लोगों को असहयोग आंदोलन पर उतरने के लिए मजबूर ना करे। चेन्नई हवाईअड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रदर्शनकारियों से किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि अगर इस प्रदर्शन को रोकने का प्रयास किया गया तो यह हिंसक रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रदर्शकारियों को किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से यह भी कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए कि वह राज्य की जनता को असहयोग आंदोलन करने पर मजबूर ना करे। इस दौरान उन्होंने अपनी आगामी योजना के बारे में कुछ बोलने से इनकार करते हुए कहा पहले वे कर के दिखाएंगे फिर कुछ बोलेंगे। उन्होंने कोवरी प्रदर्शन में हिस्सा लेने वालों की गिर तारी की आलोचना करते हुए कहा कि पानी अब सिर से ऊपर जा रहा है। हाल ही में एआईएडीमएके सरकार द्वारा किए गए उपवास हड़ताल को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि सत्तारुढ़ पार्टी का उपवास सही मायने में उपवास परंपरा का अपमान है। गौरतलब है कि बुधवार को तिरुचि में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कावेरी मुद्दे पर राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा था कि एआईएडीएमके सरकार राज्य के अधिकारों की रक्षा करने के बजाय केंद्र के अधीन होकर काम कर रही है।
गौरतलब है कि बुधवार को तिरुचि में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कावेरी मुद्दे पर राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा था कि एआईएडीएमके सरकार राज्य के अधिकारों की रक्षा करने के बजाय केंद्र के अधीन होकर काम कर रही है। अधिकारों की रक्षा करने के बजाय केंद्र के अधीन होकर काम कर रही है।