
चेन्नई. वडपलनी जैन संघ के तत्वावधान एवं उपाध्याय प्रवर प्रवीण ऋषि के सान्निध्य में वडपलनी जैन भवन में सोमवार को अमृतं जलम् कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर उपाध्याय प्रवर ने कहा हमारी परंपरा में घी से भी ज्यादा कीमत पानी की होती है। घी खत्म होने के बाद हम उसे पुन: उत्पन्न कर सकते हैं लेकिन एक बार पानी खत्म हो गया तो उसे दोबारा नहीं बन सकता। जिस चीज को हम फिर से बना नहीं सकते उसे बर्बाद करने का अधिकार भी नहीं है। उन्होंने कहा कि पानी की किल्लत को लेकर विदेशों में झगड़े होने शुरू हो गए है। तमिलनाडु का कर्नाटक के साथ विवाद भी सिर्फ पानी को लेकरही है। पानी के लिए लोग एक दूसरे से झगड़ रहे हैं लेकिन इसके संरक्षण के लिए कोई भी आगे नहीं आ रहा। व्यक्ति चाहे तो पानी का सही इस्तेमाल कर बचत कर सकता है। मनमाना पानी खर्च कर आने वाली पीढ़ी के भविष्य को हम संकट में डाल रहे हैं। राजस्थान पत्रिका द्वारा छेड़ी गई जल संरक्षण की मुहिम सराहनीय है। हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि हम इस मुहिम का हिस्सा बन कर ज्यादा से ज्यादा पानी बचाएंगे, ताकि आने वाली पीढ़ी को इसके संकट का सामना करना न पड़े। जल को बर्बाद मत करो। उन्होंने कहा यदि सही में हम नई पीढ़ी की चिंता करते हैं तो पानी कर बर्बादी रोकने पर ध्यान दें। अगर पानी की रक्षा हम नहीं करेंगे तो पानी को लेकर अगला विश्व युद्ध तय है। पानी की खपत बढ़ रही है लेकिन इसे बचाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। आज बचाएंगे तभी कल पानी पीने को मिलेगा अन्यथा संकट बढ़ जाएगा। इसकी महत्ता को समझें व दुरुपयोग रोकने पर ध्यान दें। यह केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि सभी का कर्तव्य है कि वे पानी की हर बूंद का उपयोग करें।
राजस्थान पत्रिका द्वारा शुरू किया गया ‘अमृतं जलम्’ अभियान बहुत ही सराहनीय है इसमें सभी को जुडक़र सहयोग करना चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने पानी का दुरुपयोग नहीं करने एवं संरक्षण की शपथ ली।
इनका कहना है...
- पानी का जीवन में बहुत ही महत्व है। पानी के संकट से देशभर में जनता को जूझना पड़ रहा है। आगे इस संकट से बचने के लिए हमे आज ही जागने की जरूरत है। लोग थोड़े पानी का इस्तेमाल करके भी जरूरतें पूरी कर सकते हैं।
बुधराज भंडारी, अध्यक्ष, वडपलनी जैन संघ
- पानी की समस्या को देखते हुए राजस्थान पत्रिका द्वारा शरू की गई मुहिम सराहनीय है। संंकल्प लेता हूं कि जितना हो सकेगा पानी बचाऊंगा और दूसरों को भी यही प्रेरणा दूंगा।
देवीचंद बरलोटा, मंत्री, वडपलनी जैन संघ
- अपने दैनिक उपयोग में कम से कम पानी का इस्तेमाल कर इसका संरक्षण करूंगी। साथ ही अन्य लोगों को भी पानी का दुरुपयोग रोकने की प्रेरणा देने का प्रयास करेंगी।
प्रकाशबाई ललवानी, कोषाध्यक्ष, जयंती श्राविका मंडल वडपलनी
- लोग चाहे तो अपने दैनिक उपयोग में कम पानी का उपयोग कर सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं करते। आज बचाएंगे तो आगे की पीढ़ी के लिए पानी बचेगा।
मीना बोहरा, पूर्व अध्यक्ष, जयंती श्राविका मंडल वडपलनी