छतरपुर

पत्रिका सागर संस्करण का 11वां स्थापना दिवस : हरित भविष्य के संकल्प संग हुआ पौधरोपण

पत्रिका सागर संस्करण ने अपने 11वें स्थापना दिवस को विशेष अंदाज में मनाया। बुधवार को इस अवसर पर महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के मार्कंडेय आयुर्वेदिक वन परिसर में व्यापक पौधरोपण किया गया।

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Aug 28, 2025
औषधीय और फलदार पौधों से जुड़ा जीवन संदेश

पत्रकारिता की जिम्मेदारी सिर्फ खबरें छापने तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह समाज को दिशा देने और नई सोच जगाने का भी माध्यम है। इसी मूल भावना को आत्मसात करते हुए पत्रिका सागर संस्करण ने अपने 11वें स्थापना दिवस को विशेष अंदाज में मनाया। बुधवार को इस अवसर पर महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के मार्कंडेय आयुर्वेदिक वन परिसर में व्यापक पौधरोपण किया गया।

इस कार्यक्रम में औषधीय और फलदार पौधों का रोपण कर न केवल हरियाली का संदेश दिया गया बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य का संकल्प भी लिया गया। पौधारोपण कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. शुभा तिवारी, प्रोफेसरगण, छात्र-छात्राएं और पत्रिका परिवार बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

औषधीय और फलदार पौधों से जुड़ा जीवन संदेश

स्थापना दिवस पर लगाए गए पौधों में विद्या, शंखपुष्पी, तुलसी, आंवला, बेलपत्र, नीम, अशोक जैसे औषधीय पौधे शामिल थे, जिनके औषधीय गुण मानव स्वास्थ्य को प्राकृतिक ढंग से मजबूत बनाते हैं। वहीं आम, अमरूद, जामुन और अनार जैसे फलदार पौधे भी लगाए गए, जो भविष्य में न सिर्फ हरियाली देंगे बल्कि पक्षियों और जीव-जंतुओं के जीवन का आधार भी बनेंगे।

कुलगुरु शुभा तिवारी ने दिलाया हरियाली का संकल्प

कुलगुरु प्रो. शुभा तिवारी ने कहा विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं बल्कि समाज के लिए आदर्श प्रस्तुत करने का स्थान भी है। आज हम पौधारोपण कर आने वाली पीढ़ियों को जीवन और हरियाली का वचन दे रहे हैं। यदि हर व्यक्ति एक पौधा लगाए और उसका संरक्षण करे तो धरती का स्वरूप बदल सकता है। उन्होंने पत्रिका समूह की इस पहल को सराहते हुए कहा कि मीडिया समाज में सकारात्मक सोच जगाने का भी कार्य करता है।

पत्रिका परिवार का संदेश – पत्रकारिता के साथ सामाजिक सरोकार

पत्रिका परिवार के प्रतिनिधियों ने कहा कि 11 वर्षों की यात्रा में सागर संस्करण ने केवल खबरें ही नहीं दीं बल्कि समाज हितैषी और पर्यावरणीय पहलें भी लगातार कीं। पौधारोपण उसी श्रृंखला का हिस्सा है। पत्रिका परिवार ने यह भी संकल्प लिया कि लगाए गए पौधों की देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनाया जाएगा ताकि वे छाया और प्राणवायु प्रदान कर सकें।

छात्रों की सहभागिता बनी कार्यक्रम की विशेषता

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के छात्रों और एनएसएस से जुड़े युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने पौधे लगाए और उनके संरक्षण का जिम्मा भी अपने कंधों पर लिया। छात्रों ने कहा कि जब प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियां बढ़ रही हैं, तब पौधारोपण ही इन समस्याओं का सबसे सरल और असरदार समाधान है।

समाज के लिए सीख

पत्रिका सागर संस्करण का यह स्थापना दिवस समाज को यह संदेश देता है कि पत्रकारिता संस्थान केवल सूचनाएं देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे भी पर्यावरण, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं। यह कार्यक्रम एक मिसाल है कि संस्थागत उत्सवों को भी समाज और प्रकृति के हित में बदलकर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनाया जा सकता है।पौधारोपण में रहे सहयोगीप्रो. शुभा तिवारी, कुलगुरु महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय,डॉ. ओपी अरजरिया , डॉ. आरएस सिसोदिया, डॉ. अमिता अरजरिया (एचओडी बॉटनी), डॉ. पीएल प्रजापति, डॉ. पुष्पेंद्र खरे, डॉ. शीला नायक, पुष्पेंद्र अरजरिया, चांदनी कुशवाहा, प्रियंका गुप्ता, दीपक यादव, चंद्रप्रभा अहिरवार, डॉ. एनपी प्रजापति, डॉ. पीके जैन, डॉ. बीडी नामदेव, डॉ. ब्रजेश जुयाल, डॉ. केके गंगेले और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और बॉटनी विभाग के सभी छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

Published on:
28 Aug 2025 10:42 am
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