छतरपुर

Chhatarpur news: 32 हजार परिवारों पर महंगाई की मार, 5 महीने से नहीं मिली 20 रुपए किलो वाली शक्कर

Price of sugar: 32 हजार अंत्योदय परिवारों को मार्च से राशन की रियायती शक्कर नहीं मिल रही है। गरीब परिवार महंगी बाजार शक्कर खरीदने को मजबूर हैं।
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Aug 23, 2026
Price of sugar: शक्कर हुई महंगी (Photo Source: AI Image)
Price of sugar: शक्कर हुई महंगी (Photo Source: AI Image)

Chhatarpur news: सावन का महीना चल रहा है और रक्षाबंधन भी नजदीक आने को है, लेकिन जिले के गरीब परिवारों के लिए इस बार त्योहार की मिठास फीकी पड़ती नजर आ रही है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अंत्योदय राशन कार्डधारकों को मिलने वाली रियायती शक्कर का आवंटन मार्च महीने से बंद पड़ा है। इसका सीधा असर जिले के करीब 32 हजार अंत्योदय परिवारों पर पड़ रहा है, जिन्हें पिछले 5 माह से शक्कर नहीं मिल पाई है। वर्तमान में उन्हें केवल गेहूं, चावल और नमक का पैकेट ही मिल पा रहा है। अंत्योदय अन्न योजना के तहत पात्र परिवारों उसी को 20 रुपए प्रति किलो की दर से शक्कर उपलब्ध कराई जाती थी।

महंगी शक्कर खरीदने को मजबूर

सावन में अधिकांश घरों में मिठाइयां, प्रसाद और पूजा-पाठ के लिए शक्कर का उपयोग बढ़ जाता है, साथ ही रक्षाबंधन के चलते भी मांग बढ़ जाती है, लेकिन इस बार गरीब परिवार बाजार से महंगी शक्कर खरीदने को मजबूर है। खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मार्च के बाद से शासन स्तर से शक्कर का आवंटन ही नहीं मिला है। जैसे ही आवंटन प्राप्त होगा, उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से वितरण शुरू करा दिया जाएगा। पहले राशन दुकानों पर कम कीमत में शक्कर मिल जाती थी, लेकिन 5 माह से इसे बंद कर दिया गया है।

बाजार में शक्कर महंगी होने के कारण इसे 63 रुपए किलो खरीदना गरीब परिवारों के लिए काफी मुश्किल साबित हो रहा है। घर का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है। त्योहारी सीजन में एक तरफ महंगाई की मार है और दूसरी तरफ राशन सुविधाओं में कटौती, जो बिल्कुल भी न्यायोचित नहीं है।

बाजार में शक्कर के दाम चढने से बढ़ा अतिरिक्त बोझ

एक तरफ जहां राशन दुकानों से मिलने वाली सस्ते दाम की शक्कर बंद है, वहीं दूसरी तरफ खुले बाजार में भी शक्कर की कीमतें बढ़ गई हैं। राशन दुकानों पर जो शक्कर महज 20 रुपए किलो मिलती थी, अब शक्कर के लिए गरीबों को खुले बाजार में 63 रुपए प्रति किलो तक चुकाने पड़ रहे हैं। त्योहारों के सीजन में अचानक बाजार में शक्कर महंगी होने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का पूरा घरेलू बजट गड़बड़ा गया है।

गरीब की थाली से एक के बाद एक गायब हो रही राहत

पिछले वर्षों में गरीबों को मिलने वाली कई वस्तुओं का वितरण बंद हुआ है। पहले अंत्योदय हितग्राहियों को केरोसिन मिलना बंद हुआ, इसके बाद गेहूं, चावल और नमक की व्यवस्था में बदलाव किया गया। वर्ष 2023 में शासन ने चना, अरहर दाल और बाजरा का वितरण पूरी तरह रोक दिया था। मार्च 2026 से अब हर महीने मिलने वाली एक किलो शक्कर का आवंटन भी पूरी तरह बंद हो गया है।

हर नई कटौती से बढ़ा गरीब परिवारों का खर्च

अंत्योदय योजना का उद्देश्य सबसे गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा देना था, लेकिन समय के साथ मिलने वाली सुविधाएं लगातार कम होती गईं। अब शक्कर बंद होने और बाजार में इसके महंगे दामों के कारण त्योहारों व दैनिक जरूरतों के लिए गरीब परिवारों को रहे मजबूरन ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ हैं। सामाजिक संगठनों का कहना है कि राशन की किल्लत और बाजार की महंगाई से योजना का मूल उद्देश्य कमजोर पड़ रहा है।

मार्च से शासन स्तर पर शक्कर का आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है। इससे यह परेशानी आ रही है। शासन से आवंटन मिलते ही सभी अंत्योदय कार्डधारकों को नियमानुसार शक्कर का वितरण शुरू करा दिया जाएगा।- ऋषि शर्मा, प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी, छतरपुर

Updated on:
23 Aug 2026 05:46 pm
Published on:
23 Aug 2026 05:46 pm