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Chhatarpur News: रात में खाया भरता-रोटी, सुबह बिगड़ी तबीयत… कुछ घंटों में एक-एक कर 3 मासूम बच्चियों की मौत

Three Minor Girls Die: एक ही परिवार की तीन मासूम बच्चियों की संदिग्ध मौत, पुलिस को सूचना दिए बगैर परिजन ने दफनाए शव, पुलिस ने कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे।
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Chhatarpur Three Minor Girls Die

Chhatarpur Three Minor Girls Die, शोकाकुल परिवार से जानकारी लेती पुलिस (Source-Patrika)

Chhatarpur Three Minor Girls Die: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में शनिवार को एक ही परिवार की तीन मासूम बच्चियों की संदिग्ध मौत की खबर से सनसनी फैल गई। घटना मातगुवां थाना क्षेत्र के ग्राम पिपौरा की है, यहां रहने वाले बालमुकुंद कुशवाहा के परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि पूरा क्षेत्र दहल उठा। बालमुकुंद की तीन मासूम बेटियां पूनम कुशवाहा (9 वर्ष), मनीषा कुशवाहा (5 वर्ष) और महज 9 माह की दूधमुंही चाहत कुशवाहा अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के आगोश में समा गईं। देखते ही देखते हंसते-खेलते घर की खुशियां मातम में तब्दील हो गईं।

परिजन ने दफनाए शव

घटना में चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब परिजनों ने बिना पुलिस या प्रशासन को सूचना दिए तीनों बच्चियों के शव गांव के पास दफना दिए। शनिवार को जब गांव के सरपंच के माध्यम से पुलिस को इस अनहोनी की भनक लगी, तो हड़कंप मच गया। इसके बाद कलेक्टर मृणाल मीणा के निर्देशों पर प्रशासनिक और पुलिस अमला तुरंत हरकत में आया।

कब्र से निकाले शव

तहसीलदार दुर्गेश तिवारी, मातगुवां थाना प्रभारी अंकुर चौबे, ईशानगर थाना प्रभारी रिपुदमन सिंह राजपूत तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरपी गुप्ता सहित स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग और विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कब्र खोदकर तीनों मासूमों के शवों को बाहर निकाला गया।

रात में खाया था भर्ता-रोटी

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरपी गुप्ता ने बताया कि बालमुकुंद कुशवाहा के संयुक्त परिवार में करीब 10 से 15 सदस्य हैं, जिनमें 7 से 8 बच्चे शामिल हैं। रात में घर पर बैंगन का भरता और रोटी बनी थी, जिसे परिवार के बच्चों ने खाया और सो गए। हालांकि, 9 माह की चाहत ने यह भोजन नहीं किया था और उसे उसकी मां ने केवल स्तनपान कराया था।

एक के बाद एक तीन बच्चियों की मौत

परिजनों के अनुसार, रात करीब 3 बजे एक बच्ची उठी और शौच करने के बाद वापस सो गई। सुबह चाय पीने के बाद उसे अचानक उल्टी हुई। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद सुबह करीब 8:45 बजे दूसरी बच्ची को भी उल्टी की शिकायत हुई और अस्पताल ले जाते समय उसकी भी सांसें थम गईं। वहीं, सबसे छोटी 9 माह की चाहत की तबीयत बिगड़ने पर परिजन इलाज कराने के बजाय अंधविश्वास में पड़कर पहले झाड़-फूंक कराने ले गए। जब बच्ची की हालत अत्यंत नाजुक हो गई, तब उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन गांव से महज दो किलोमीटर दूर रास्ते में ही उसने भी दम तोड़ दिया।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ), जिला टीकाकरण अधिकारी (डीआईओ) और खाद्य सुरक्षा अधिकारी की उपस्थिति में विशेषज्ञ टीम ने बालमुकुंद के घर से रसोई में बने भोजन, मसालों और अन्य सामग्रियों के नमूने सील किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मौत की सटीक वजह को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। बच्चियों के शव परीक्षण के साथ ही उनके बिसरा नमूने भी गहन जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही हैं। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि शव परीक्षण, बिसरा जांच और खाद्य पदार्थों के नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि तीनों मासूमों की मौत किस वजह से हुई।