
four people die snakebite one day, जिला अस्पताल व इनसेट में कोबरा सांप (Source- Patrika)
Chhatarpur Snake Bite Deaths: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में बारिश के मौसम में सर्पदंश का कहर तेजी से बढ़ने लगा है। छतरपुर जिला अस्पताल में एक ही दिन में सांप के काटने से जान गंवाने वाले चार अलग-अलग लोगों का पोस्टमार्टम किया गया। मृतकों में गणेश पटेल, राकेश यादव (27), भगुनिया कुशवाहा (60) और रचना साहू (18) शामिल हैं। एक साथ चार मौतों की खबर से अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. शरद चौरसिया एवं डॉ. रवि सोनी ने इन मौतों की पुष्टि की है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, राकेश यादव और गणेश पटेल को जब जिला अस्पताल लाया गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। वहीं, भगुनिया कुशवाहा को सुबह करीब 3 बजे और रचना साहू को सुबह 5:30 बजे शाहगढ़ से गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के काफी प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।
सिविल सर्जन डॉ. शरद चौरसिया ने बताया कि बीते दो दिनों में ही सर्पदंश से पीड़ित 14 मरीज जिला अस्पताल पहुंचे थे, जिनमें से एक को रेफर किया गया और एक की मौत हुई थी। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में सर्पदंश के इलाज के लिए एंटी स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में मौजूद है। अस्पताल में हर साल औसतन 1500 से 2000 एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जाता है।
चिकित्सकों के अनुसार, सर्पदंश के मामलों में अधिकांश मौतें अंधविश्वास और देर से अस्पताल पहुंचने के कारण हो रही हैं। डॉ. रवि सोनी ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में लोग सांप के काटने पर मरीज को अस्पताल लाने के बजाय झाड़-फूंक और तांत्रिकों के चक्कर में कीमती समय बर्बाद कर देते हैं। जब जहर पूरे शरीर में फैल जाता है और स्थिति नाजुक हो जाती है, तब मरीज को लाया जाता है, जिससे जान बचाना बेहद कठिन हो जाता है।
तत्काल अस्पताल पहुंचे: सर्पदंश होते ही बिना समय गंवाए 108 एंबुलेंस की मदद से मरीज को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल ले जाएं।
अंधविश्वास से बचें: झाड़-फूंक या घरेलू इलाज के चक्कर में एक मिनट भी न गंवाएं।
अंधेरे में टॉर्च का प्रयोग करें: बारिश के मौसम में बिलों में पानी भर जाने से सांप बाहर निकलते हैं। रात में बाहर निकलते समय रोशनी का उपयोग करें।
साफ-सफाई रखें: घर के आसपास झाड़ियों, कचरे और लकड़ियों के ढेर साफ रखें तथा खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतें।
Updated on:
21 Aug 2026 07:46 pm
Published on:
21 Aug 2026 07:46 pm
