जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था दुरस्त करने की कवायद शुरू हो गई है। कलेक्टर- एसपी ने डेढ़ घंटे तक जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों पर खास फोकस रहा। कलेक्टर पार्थ जैसवाल व एसपी अगम जैन ने प्रसूति वार्ड में निरीक्षण के दौरान कई मरीज के परिजनों ने फीडबैक लिया।
छतरपुर. जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था दुरस्त करने की कवायद शुरू हो गई है। कलेक्टर- एसपी ने डेढ़ घंटे तक जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों पर खास फोकस रहा। कलेक्टर पार्थ जैसवाल व एसपी अगम जैन ने प्रसूति वार्ड में निरीक्षण के दौरान कई मरीज के परिजनों ने फीडबैक लिया। परिजनों ने वार्ड में हो रही परेशानी से अवगत कराया, जिस पर सिविल सर्जन को शिकायत पर ध्यान देने के निर्देश दिए। वहीं ट्रॉमा वार्ड का निरीक्षण किया, जहां शिकायत के लिए लगाए गए एसडीएम के पोस्टर को अस्पताल के हर वार्ड में लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर-एसपी ने अस्पताल में लगे सुरक्षाकर्मियों का पुलिस वेरिफिकेशन करवाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जिला अस्पताल के निरीक्षण के लिए दिन के हिसाब से अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। तपस्या परिहार मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सोमवार, मिलिन्द कुमार नागदेवे अपर कलेक्टर को मंगलवार, सुश्री काजोल सिंह सहायक कलेक्टर मंगलवार, बलवीर रमण संयुक्त कलेक्टर बुधवार, अखिल राठौर एसडीएम छतरपुर गुरुवार, विशा माधवानी एसडीएम नौगांव शुक्रवार, राकेश शुक्ला एसडीएम लवकुशनगर शनिवार और डिप्टी कलेक्टर जीएस पटेल को रविवार को निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारी, डॉक्टर और पुलिस रात में निरीक्षण करेंगे। इसके लिए विभिन्न कमेटियां बनाई गई हैं। सुरक्षा कमेटी में 8 डॉक्टरों को शामिल किया है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर-एसपी ने अस्पताल परिसर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने महिला डॉक्टरों की देर रात ड्यूटी में पुख्ता इंतजाम के निर्देश दिए और विशाखा गाइडलाइन के अनुसार समिति की स्थापना करने के लिए कहा।
सिविल सर्जन डॉ. जीएल अहिरवार ने एसपी से अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में सशस्त्र बल के 6 जवानों की तैनाती की जाए। पुलिस चौकी में महिला सिपाही के साथ एक पुरुष सिपाही को पदस्थ करने की मांग की।