छतरपुर. बड़ामलहरा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत भोंयरा के चौधरीखेरा गांव में पशुओं के कंकाल मिले हैं। चौधरीखेरा में करीबन सैकड़ों गाय बैल के कंकाल पाए गए हैं। इस घटना से गौसेवा संगठनों में आक्रोश फैल गया। ग्राम चौधरीखेरा में बने ग्राम पंचायत के मंगल भवन में बड़ी संख्या में गायों के अवशेष मिलने के बाद गौसेवों ने तहसीलदार एवं उपथाना प्रभारी को ज्ञापन दिया है। गौवंश पर क्रूर अत्याचार करने वालों और अनदेखी करने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की गई है।
तहसीलदार को ज्ञापन दिया, सख्त कार्रवाई की मांग
छतरपुर. बड़ामलहरा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत भोंयरा के चौधरीखेरा गांव में पशुओं के कंकाल मिले हैं। चौधरीखेरा में करीबन सैकड़ों गाय बैल के कंकाल पाए गए हैं। इस घटना से गौसेवा संगठनों में आक्रोश फैल गया। ग्राम चौधरीखेरा में बने ग्राम पंचायत के मंगल भवन में बड़ी संख्या में गायों के अवशेष मिलने के बाद गौसेवों ने तहसीलदार एवं उपथाना प्रभारी को ज्ञापन दिया है। गौवंश पर क्रूर अत्याचार करने वालों और अनदेखी करने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की गई है।
घटना सामने आने में बाद कापिल शर्मा तहसीलदार घुवारा एवं पुलिस ने मौका मुआयना किया। बताया जाता है कि, तहसीलदार व पुलिस टीम के पहुंचने के पहले ही पंचायत द्वारा मंगल भवन से कंकाल हटा दिए गए। ग्राम पंचायत के मंगल भवन में इतनी बड़ी तादाद में गौवंश के कंकाल कहां से आए और किसने इकट्ठा किए इसकी जांच की जा रही है।
एक दूसरे पर फोड़ रहे ठीकरा
ग्राम पंचायत भोंयरा सरपंच, सचिव फूलसिंह बुंदेला एवं रोजगार सहायक नरेंद्र कुमार राय से बात करने पर अलग अलग बातें सामने आ रहीं है और सभी एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। इसमें पंचायत की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। पंचायती जिम्मेदार बताते हैं कि, 3-4 माह पूर्व गांव के कुछ लोगों के आग्रह पर एक प्रायवेट मास्टर को कोचिंग सेंटर चलाने के लिए मंगल भवन की चाभी दी गई थी। इसके बाद से मंगल भवन का ताला खुला रहा। अब यहां गौवंश के कंकाल किसने इकट्ठे किए इसका पता नहीं है। इधर शासकीय भवन में इतना घटनाक्रम चलता रहा और पंचायत के सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक बेखबर रहे। यह जांच का बड़ा विषय है।