छतरपुर

खजुराहो से ओरछा-पन्ना टाइगर रिजर्व को जोडऩे वाला मल्टी-टूरिज्म प्रोजेक्ट

मध्य प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के मल्टी-टूरिज्म और वेलनेस प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जरिए दतला पहाड़ को ओरछा, पन्ना टाइगर रिजर्व और आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों से जोड़ते हुए एक नए पर्यटन कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा।

2 min read
Feb 10, 2026
दतला पहाड़ खजुराहो

100 करोड़ का मल्टी-टूरिज्म और वेलनेस प्रोजेक्ट

खजुराहो की ऐतिहासिक पहचान के बीच अब छतरपुर जिले को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। राजनगर तहसील अंतर्गत खजुराहो के चितरई गांव में स्थित दतला पहाड़ को मध्य प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के मल्टी-टूरिज्म और वेलनेस प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जरिए दतला पहाड़ को ओरछा, पन्ना टाइगर रिजर्व और आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों से जोड़ते हुए एक नए पर्यटन कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा।

70 हेक्टेयर में निजी भागीदारी से होगा विकास

पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा खसरा नंबर 572-13 की लगभग 70 हेक्टेयर भूमि पर करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना को विकसित करने के लिए निजी निवेशकों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। परियोजना का क्रियान्वयन डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन, हस्तांतरण मॉडल पर किया जाएगा। इसके तहत चयनित निजी कंपनी को 90 वर्षों की लीज पर भूमि प्रदान की जाएगी, जबकि पूरे प्रोजेक्ट को पूर्ण करने के लिए 5 वर्ष की समय-सीमा निर्धारित की गई है।

खजुराहो के मंदिर से 8 किलोमीटर दूर

दतला पहाड़, जिसे दांतला हिल्स या टीथ माउंटेन के नाम से भी जाना जाता है, खजुराहो मंदिर समूह से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित है। यह पहाड़ी श्रृंखला अपनी अनोखी बनावट के लिए प्रसिद्ध है। क्वाट्र्ज पत्थरों से बनी यह संकरी श्रृंखला घिसे हुए दांतों जैसी प्रतीत होती है, जिसके कारण इसका नाम दतला पहाड़ पड़ा।

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर

यह क्षेत्र ट्रेकिंग, नेचर वॉक, सनसेट पॉइंट और शांत वातावरण के लिए पर्यटकों के बीच पहले से ही लोकप्रिय रहा है।श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्रइस पहाड़ी श्रृंखला का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व भी है। पहाड़ पर कई छोटे-छोटे प्राचीन मंदिर और तीर्थ स्थल बने हुए हैं, वहीं शीर्ष पर स्थित सिद्ध बाबा मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मान्यताओं के अनुसार दतला नामक एक राक्षस के नाम पर इस पहाड़ का नाम पड़ा, जो कभी इस क्षेत्र में निवास करता था। खजुराहो के मुख्य मंदिरों का मुख भी इसी पहाड़ी श्रृंखला की ओर है, जिससे इसका सांस्कृतिक महत्व और बढ़ जाता है।

ये सुविधाएं होंगी विकसित

प्रस्तावित पर्यटन परियोजना के अंतर्गत दतला पहाड़ क्षेत्र में वेलनेस रिसॉट्र्स, ईको-फ्रेंडली कॉटेज, एडवेंचर टूरिज्म गतिविधियां, योग-ध्यान केंद्र, ट्रेकिंग ट्रेल्स और प्रकृति आधारित पर्यटन सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। इससे खजुराहो आने वाले पर्यटकों को एक नया अनुभव मिलेगा और उनका ठहराव भी बढ़ेगा। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से छतरपुर जिले और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। होटल, रेस्टोरेंट, स्थानीय गाइड, टैक्सी सेवाएं, हस्तशिल्प और ग्रामीण आजीविका से जुड़े लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। इससे बुंदेलखंड क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

Published on:
10 Feb 2026 10:55 am
Also Read
View All
कार्य पूर्ण होने के बाद भी उपयंत्री-सहायक यंत्री नहीं कर रहे कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी, गौरिहार जनपद में 176 खेत तालाब अधूरे

बड़ी सौगात: बुंदेलखंड में बनेगा नया टूरिज्म कॉरिडोर, ये टाइगर रिजर्व और धार्मिक स्थल होंगे शामिल

स्मैक, हीरोइन और इंजेक्शन जैसी आदतें छुटाने शहर के युवा कर रहे लोगों को जागरूक, 250 लोगों ने नशे से बनाई दूरी

2800 करोड़ की परियोजना के लिए बुंदेलखंड में शुरू होगा भूमि अधिग्रहण, बांध-नहर भी बनेंगे

संपदा 2.0 में नामांतरण प्रकरणों में देरी: पटवारियों की मनमानी और अतिरिक्त शुल्क की मांग से आम लोगों को तहसील और पटवारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे

अगली खबर