नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग ने अब एक नई इमरजेंसी ब्रॉडकास्ट प्रणाली का उपयोग शुरू किया है।
आसमान से बरसती आग और राजस्थान की ओर से आ रही शुष्क गर्म हवाओं ने पूरे अंचल को भट्टी सा तपा दिया है। छतरपुर और आसपास के इलाकों में भीषण गर्मी और तीव्र उष्ण लहर (लू) ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात यह हैं कि अब मौसम विभाग और प्रशासन को लोगों के मोबाइल पर सीधे इमरजेंसी अलर्ट भेजकर घरों में सुरक्षित रहने की चेतावनी देनी पड़ रही है। खजुराहो में तापमान 47.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो इस बात का संकेत है कि इस बार पुराने रिकॉर्ड भी टूट सकते हैं।
जिले के प्रमुख शहरों में सूरज के तीखे तेवरों ने लोगों को झुलसा कर रख दिया है। वर्तमान में दर्ज किए गए तापमान के आंकड़े स्थिति की गंभीरता को बयां कर रहे हैं। खजुराहो में तापमान अधिकतम 47.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 29.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं आर्द्रता (नमी) मात्र 18 प्रतिशत रह गई है। राजस्थान की ओर से आ रही शुष्क और गर्म हवाएं 15 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही हैं।नौगांव का अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम 28.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 15 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने वाली गर्म हवाओं ने वातावरण को पूरी तरह से सुखा दिया है, जिससे तीव्र लू के हालात बन गए हैं।
खजुराहो के लिए भीषण गर्मी नई नहीं है, लेकिन इस साल का बढ़ता पारा पुराने खतरनाक वर्षों की याद दिला रहा है। ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो खजुराहो हमेशा से भयंकर हीटवेव का केंद्र रहा है। खजुराहो में अब तक का सबसे अधिक तापमान लगभग 48 डिग्री रिकॉर्ड किया जा चुका है।
हीटवेव वाले खौफनाक साल: इससे पहले 2010, 2015 और 2019 के हीटवेव वर्षों में भी भीषण गर्मी का ऐसा ही तांडव देखने को मिला था।
लगातार कई दिनों तक तपन: उन वर्षों में कई दिनों तक खजुराहो का तापमान लगातार 47.5 से लेकर 48 डिग्री के पार तक पहुंच गया था। वर्तमान में 47.2 का पारा इशारा कर रहा है कि हम उन्हीं ऐतिहासिक और खतरनाक आंकड़ों की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं।
नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग ने अब एक नई इमरजेंसी ब्रॉडकास्ट प्रणाली का उपयोग शुरू किया है। छतरपुर और आसपास के जिलों में लोगों के स्मार्टफोन की स्क्रीन पर अचानक एक तेज बीप के साथ अत्यंत गंभीर चेतावनी का मैसेज फ्लैश हो रहा है।इस मैसेज का महत्व
1. सीधा प्रसारण : यह मैसेज इंटरनेट या सामान्य एसएमएस पर निर्भर नहीं है, बल्कि यह सीधे टेलीकॉम टावरों के जरिए उस क्षेत्र के सभी चालू मोबाइल फोन पर भेजा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित आपदा से पहले आम जनमानस को तुरंत अलर्ट करना है।
2. चेतावनी का संदेश: मैसेज में स्पष्ट रूप से बताया जा रहा है कि अगले 24 घंटों में छतरपुर, निवाड़ी, पन्ना, सतना, और टीकमगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर गंभीर लू चलने की संभावना है।
3. क्यों भेजा जा रहा है? मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार इन 5 जिलों को रेड जोन (तीव्र उष्ण लहर) में रखा गया है। इसका मतलब है कि घर से बाहर निकलना जानलेवा साबित हो सकता है। यह अलर्ट लोगों को सीधे तौर पर सतर्क करने का एक आधुनिक तकनीकी प्रयास है।
मौसम बुलेटिन और सिनोप्टिक मौसमी परिस्थितियों और मौसम केंद्र खजुराहो के प्रभारी आरएस परिहार के अनुसार, वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, लेकिन इसका फायदा अभी इस क्षेत्र को नहीं मिल रहा है।आगामी 3 दिनों का हाल: छतरपुर जिले को अभी अगले तीन दिनों तक इसी तरह की भीषण गर्मी और तपन का सामना करना पड़ेगा। तीव्र उष्ण लहर का रेड अलर्ट जारी है, इसलिए तापमान 47 से 48 डिग्री के बीच ही बने रहने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, तीन दिन की भीषण तपन के बाद एक लोकल ट्रफ सिस्टम (स्थानीय कम दबाव का क्षेत्र) बनने की संभावना है। गर्मी और उमस के कारण बनने वाले इस सिस्टम से धूल भरी आंधी चलने और जिले में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी होने के आसार हैं, जिससे तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है और लोगों को इस जानलेवा गर्मी से थोड़ी फौरी राहत मिल सकेगी।