
बैठक
भीषण गर्मी के मौसम में आम जनता को बिजली और पानी की समस्याओं से निजात दिलाने तथा शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर नकेल कसने के लिए कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सोमवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा (टीएल) पत्रों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने कड़े तेवर दिखाते हुए कई अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत तय समय-सीमा के बाहर आवेदनों का डिस्पोजल करने पर कलेक्टर ने कड़ा एक्शन लिया। उन्होंने समय-सीमा का उल्लंघन करने पर नौगांव मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) पर 500 रुपए तथा लवकुशनगर जनपद सीईओ पर 1500 रुपए की पेनाल्टी अधिरोपित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी कि इस भीषण गर्मी के दौरान सभी क्षेत्रों में सुचारू बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। जिले में कहीं भी अनावश्यक या अघोषित बिजली कटौती नहीं होनी चाहिए। बिजली संबंधी जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए विभाग तत्काल एक मोबाइल नंबर जारी कर विशेष कॉल सेंटर स्थापित करे, जहां कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई जाए।ग्रामीण क्षेत्रों में यदि कोई अनिवार्य कटौती की जानी है, तो उसकी पूर्व सूचना ग्रामीणों तक अनिवार्य रूप से प्रेषित की जाए। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे स्वयं इस कॉल सेंटर का औचक निरीक्षण करें और वहां संधारित रजिस्टर की जांच कर देखें कि शिकायतों का समय पर निराकरण हो रहा है या नहीं। साथ ही, पटवारियों के माध्यम से भी अतिरिक्त बिजली कटौती की जमीनी रिपोर्ट प्राप्त की जाए। इसके अतिरिक्त जिला स्तर पर भी लोक सेवा प्रबंधक को एक कंट्रोल सेंटर स्थापित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों के निराकरण में सुस्ती और खराब ग्रेडिंग प्रदर्शित करने वाले अधिकारियों पर कलेक्टर ने कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने जिला संयोजक जनजातीय कार्य विभाग, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन, उप संचालक कृषि, श्रम निरीक्षक तथा राजस्व विभाग के अंतर्गत नौगांव, गौरीहार एवं बकस्वाहा के तहसीलदारों की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने साफ किया कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को पूरी गंभीरता से लिया जाए और उनका संतुष्टिपूर्वक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में हैंडपंप सुधार, निजी अतिक्रमण हटाने और प्रसूति सहायता के प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए।
कुटीर एवं ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उद्योग विभाग को निर्देशित किया गया कि वे पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत रात्रि चौपालों में आए आवेदनों के निराकरण के लिए अलीपुरा में एक विशेष कैंप का आयोजन करें। इस कैंप के माध्यम से पात्र हितग्राहियों के ऋण प्रकरण तत्काल स्वीकृत कराए जाएं। इसके अलावा, खेतों में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने की घटनाओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने और कृषि विभाग को मृदा परीक्षण के लिए नमूनों की संख्या बढ़ाने के लिए कहा गया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, संयुक्त कलेक्टर, सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), नगरीय निकायों के सीएमओ और जनपद पंचायतों के सीईओ सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे।
Published on:
26 May 2026 10:56 am
बड़ी खबरें
View Allछतरपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
