छिंदवाड़ा

एसएनसीयू में आग लगने की सूचना के बाद दहशत में रहे 63 परिवार, दो घंटे तक अपने बच्चों को देखने तरसते रहे

सुबह चार बजे बच्चे को देखा तब जान में आई जान, बच्चे की मौत के बाद परिजन उसकी मां को सूचना देने नहीं जुटा पाए हिम्मत
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jila asptaal SNCU ward
jila asptaal SNCU ward

छिंदवाड़ा। जिला अस्पताल के शिशु नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) में शुक्रवार-शनिवार की देर रात 1.50 बजे आग लगने से हडक़ंपमच गया। इस घटना से एसएनसीयू में भर्ती 63 शिशुओं के परिजन दहशत में आ गए। वार्ड में भर्ती मरीजों को जब आग लगने की सूचना मिली तो हडक़ंपमच गया तथा एसएनसीयू वार्ड के बाहर अपने बच्चों की जानकारी लेने पहुंच गए। दो घंटे तक परिजन अपने शिशुओं को देखने के लिए तरसते रहे। तडक़े चार बजे जब उन्हें अपने बच्चों को देखने की अनुमति मिली, तब जाकर उनकी जान में जान आई। वहीं तीन बच्चों के झुलसे की सूचना के बाद उनके परिजनों को रो रोकर बुरा हाल था। इस हादसे में एक शिशु की मौत हुई है, इस दुखद घटना में मृत शिशु के परिजन उसकी मां को यह सूचना देने की हिम्मत नहीं जुटा पाए तथा शनिवार की दोपहर तक मां को कोई जानकारी नहीं दी गई। वहीं परिजनों ने अस्पताल की लापरवाही व बिगड़ी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए है।

तीनों बच्चों को कई समस्याओं के कारण किया था भर्ती

1. इस हादसे में जिस मासूम बच्ची की मौत हुई है उसका जन्म शुक्रवार रात को 10.22 पर जिला अस्पताल में हुआ था। हार्ट की गंभीर बीमारी के कारण उस एसएनसीयू में भर्ती कराया गया था। बच्ची की मौत हुई है उसके पिता आदित्य वर्मा तथा मां का नाम शिवानी है जो कि गुमगांव चांद के निवासी है।

2. इस हादसे में झुलसी बच्ची जिसका जन्म परासिया अस्पताल में 19 अगस्त को हुआ था तथा उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था। बच्ची का वजन 2.7 किलो तथा उसे सांस लेने में तकलीफ थी जिसके कारण उसे एसएनसीयू में रखा गया था। बच्ची का उपचार मेडिकल कॉलेज जबलपुर में चल रहा है। बच्ची की मां कुंती उइके तथा पिता का नाम अरविंद उइके जो कि परासिया के रहने वाले है।

3. इस हादसे में झुलसे बच्चे का जन्म 17 अगस्त को परासिया अस्पताल में हुआ तथा जिसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था। जन्म के समय वजन 1.7 किलो था, वजन कम होने, खून में संक्रमण, सांस लेने में तकलीफ होने के कारण जिला अस्पताल रेफर किया गया था। बच्चे के पिता विकास यादव तथा मां सोनम यादव जो कि दीघावानीपरासिया के रहने वाले है।

दो घंटे के लिए मशीन में रखने की कहकर ले गए

इस हादसे में जिस बच्ची की मौत हुई है उसके परिजनों के साथ नाना व नानी ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए है। नानी झनक दुलारी निवासी किसनपुर ने बताया कि उनकी बेटी शिवानी की डिलेवरी होने के बाद बच्ची को वार्ड में लेकर आए थे तथा वह स्वस्थ थी तथा उसका वजन भी अच्छा था। रात के समय बच्ची को मशीन में रखने की बोलकर ले गए तथा दो घंटे में वापस देने की बात की थी। रात दो बजे एसएनसीयू वार्ड में आग लगने की सूचना मिली तो हम वहां पहुंचे तो बच्ची से नहीं मिलने दिया गया। बाद में चार बजे सूचना दिए कि बच्ची थोडी झुलस गई है तथा उसे जबलपुर रेफर कर रहे है। जिसके बाद बच्ची के पिता व अन्य लोग साथ में जबलपुर चले गए। इस लापरवाही पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग परिजनों ने की है।

समय पर ऑक्सीजन बंद व वार्मर मशीन हटाई, बडा हादसा टला

रात के समय एसएनसीयू वार्ड में दो स्टॉफ नर्स सर्किला उइके, चित्रा बिसेन और वार्ड ब्वॉय विमलेश ठाकुर की डूयटी थी। अचानक वार्मर मशीन में चिंगारी देखने के बाद तीनों कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला तथा वार्मर मशीन से बच्चों को हटाया तथा आग पर काबू पाने के लिए फायर सिस्टम का उपयोग किया था। वार्ड में भर्ती कुल 33 बच्चों को दूसरे रुम में शिफ्ट किया गया। वार्ड ब्वॉय विमलेश ठाकुर ने बताया कि वार्मर से चिंगारी ऑक्सीजन पाइप पर गिरी थी जिसके कारण आग भडक़ गई थी। तत्काल ऑक्सीजन की सप्लाई तथा वार्मर मशीन को बंद किया था। जिसके बाद सबसे पहले बच्चों को हटाने का कार्य किया गया। बचाव कार्य के दौरान नर्स व वार्ड ब्वॉय के हाथ भी झुलस गए थे।

आग लगने की सूचना के बाद दहशत में रहे चार घंटे

अनहोनी झिरपा निवासी महिला की 20 अगस्त को डिलवेरी के बाद नवजात का वजन कम होने के बाद उसे एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार की रात दो बजे जब दंपती को सूचना मिली कि वार्ड में आग लग गई है तथा कुछ बच्चे झुलस गए। तत्काल एसएनसीयू वार्ड में पहुंचे तो वहां पर भीड़ थी तथा किसी को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा था। सुबह तकरीबन चार बजे उन्हें उनके बच्चे से मिलाया गया जिसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली थी।

भोपाल की एओवी कंपनी का मेंटनेंस ठेका

जिला अस्पताल में मशीन व सभी प्रकार के उपकरणों के रखरखाव व सुधार का कार्य भोपाल की एओवी कंपनी के पास है जो समय समय पर मेंटनेंस का कार्य करती है। फायर व इलेक्ट्रिकल सेफ्टी का ऑडिट हाल ही में प्रबंधन ने कराया है। वहीं वार्मर मशीन के मेंटनेंस की बात की जाए तो उसका भी कंपनी ने मेंटेनेंस व ऑडिट किया है।

तीन दिन में जांच रिपोर्ट सौंपेगी टीम

एसएनसीयू वार्ड में हुई घटना के बाद सिविल सर्जन डॉ कंचन दुबे ने एक चार सदस्यीय टीम बनाई है। जिसमें मेडिकल कॉलेज के डॉ विपिन जैन, जिला अस्पताल के डॉक्टर संजय जैन, डॉ चंद्रशेखर दुबे, डॉ सुधीर शुक्ला को शामिल किया गया है। यह टीम तीन दिन में अपनी जांच कर रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंपी जाएगी जिसके बाद आगे की रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजा जाएगा।

Updated on:
23 Aug 2026 12:26 pm
Published on:
23 Aug 2026 12:26 pm