छिंदवाड़ा

संपत्ति गाइड लाइन दर बढऩे की आशंका, प्लॉट व मकान की खरीदी-बिक्री तेज

-फरवरी में ही पंजीयन विभाग की आय 150 करोड़ पहुंची, डेढ़ माह में 50 करोड़ और आने का अनुमान
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छिंदवाड़ा.एक अप्रैल से संपत्ति गाइड लाइन दर बढऩे की आशंका से इस समय प्लॉट और मकान की खरीद-बिक्री तेज हो गई है। फरवरी में ही पंजीयन विभाग की आय 150 करोड़ रुपए पहुंच गई है। आगामी 31 मार्च तक सरकारी खजाने में 50 करोड़ रुपए और आने का अनुमान लगाया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 के समापन के डेढ़ माह शेष रह गए हैं। उपपंजीयक कार्यालय में प्रतिदिन संपत्ति की खरीदने वाले खरीददार-विक्रेता की भीड़ उमड़ रही है। लोग अगले वित्त वर्ष 2024-25 में संपत्ति गाइड लाइन दर बढऩे से आशंकित है। वे जमीन के सौदों की जल्द रजिस्ट्री करने प्रयासरत है।
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जमीन के निवेश को ही दे रहे प्राथमिकता
प्रापर्टी कारोबारी मान रहे हैं कि प्लॉट, मकान और कृषि भूमि में निवेश आज भी सबसे ज्यादा भरोसेमंद है। इसमें आम आदमी अपनी पूरी जिंदगी की पूंजी लगाकर खुद के आशियाने का सपना पूरा कर रहा है। प्रापर्टी बाजार दिन दूनी रात चौगुनी आगे बढ़ रहा है। उनके मुताबिक साधारणत: लोग अपनी धनराशि का निवेश सोना-चांदी, प्रापर्टी, शेयर बाजार, मुच्युअल फंड, सरकारी बांड और एफडी में करते हैं। इनके रिटर्न देखते हुए प्राथमिकता अभी भी जमीन में निवेश पर है।
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सोनपुर, चंदनगांव और खजरी की रजिस्ट्री ज्यादा
जानकारों के अनुसार परासिया रोड, नागपुर रोड, खजरी रोड, नरसिंहपुर रोड, सिवनी रोड के आसपास की कॉलोनियां पिछले एक दशक में विकसित हुई है। अब सोनपुर रोड, मोहरली, चंदनगांव में प्लॉट की बिक्री तेजी से देखी गई हैं।
यहां के जमीन सौदों की रजिस्ट्री ज्यादा हो रही है।
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प्रापर्टी खरीदी-बिक्री से 15 फरवरी तक 150 करोड़
पंजीयन विभाग के अनुसार इस वित्तीय वर्ष 2023-24 में 201 करोड़ रुपए का लक्ष्य तय किया गया है। बीती 15 फरवरी तक 149.35 करोड़ रुपए अर्जित किए जा चुके हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में इस अवधि के दौरान 139.32 करोड़ रुपए पंजीयन आय हुई थी। इस साल यह पंजीयन आय में 10 फीसदी की वृद्धि है।
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एक साल में निगम क्षेत्र में बढ़े 7500 मकान
नगर निगम की राजस्व शाखा के अनुसार इस वर्ष रजिस्टर्ड मकानों की संख्या 58400 पहुंच गई है। इनमें पिछले एक साल में 7500 मकान की वृद्धि शामिल है। निगम कर्मचारियों का आकलन है कि हर माह बन रहे नए मकानों से प्रापर्टी टैक्स का दायरा बढ़ रहा है। अब निगम की टैक्स की मांग 36 करोड़ रुपए से बढकऱ 43 करोड़ रुपए पहुंच गई है। इससे मकानों की बढ़ती संख्या के ग्राफ को देखा जा सकता है।
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इनका कहना है...
प्रापर्टी के पंजीयन से 15 फ रवरी तक आय 150 करोड़ रुपए पहुंच गई है। डेढ़ माह में हम 201 करोड़ रुपए का लक्ष्य पूरा कर लेंगे।
-यूके झा, जिला पंजीयक
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Published on:
17 Feb 2024 06:02 pm