
पूर्व सीएम कमलनाथ (former chief minister kamal nath) के भाजपा में जाने की अटकलों पर एक बार फिर मीडिया ने सवाल किया तो कमलनाथ ने कहा कि यह सब तुम लोग ही चला रहे हैं। कोई नहीं कर रहा है। तुमने मेरे मुंह से कभी सुनी है यह बात या कोई इशारा किया हो। खंडन करने के बीत पर कमलनाथ ने मीडिया से कहा कि पहले आप लोग खंडन करें।
मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ पिछले 10 दिन पहले दिल्ली चले गए थे, तब कमलनाथ के भाजपा में जाने की अटकलों ने जोर पकड़ लिया था। मीडिया में लगातार कमलनाथ के करीबी नेता बयान दे रहे थे कि कांग्रेस में उनकी उपेक्षा हो रही है, उन्हें भाजपा में चले जाना चाहिए। कमलनाथ के कई समर्थकों ने भी इशारा किया था कि कुछ बड़ा होने वाला है, लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी से बातचीत के बाद कमलनाथ ने संभवतः यह फैसला टाल दिया था। हालांकि यह भी माना जा रहा था कि भाजपा अंदर ही अंदर कमलनाथ को स्वीकार नहीं कर पा रही थी। क्योंकि कमलनाथ के ऊपर 1984 के सिख दंगों के आरोप हैं। इसके बाद यह भी अटकलें चलीं कि कमलनाथ नहीं जाएंगे, लेकिन नकुलनाथ भाजपा ज्वाइन कर सकते हैं। हालांकि कमलनाथ के समर्थक नकुलनाथ के साथ भाजपा में जाने को तैयार नहीं हुए।
कमलनाथ 10 दिन के बाद मंगलवार को छिंदवाड़ा पहुंचे। छिंदवाड़ा पहुंचकर उन्होंने एक्स पर भी लिखा है अपनों के बीच छिंदवाड़ा पहुंचा।वे दिल्ली चले गए थे। उसके बाद बैंगलुरू में अध्यात्मिक गुरू के पास भी कुछ दिनों के लिए चले गए थे। उसके बाद कमलनाथ छिंदवाड़ा पहुंचे तो मीडिया ने उन्हें एयर स्ट्रीप पर घेर लिया। कमलनाथ से जब मीडिया ने भाजपा में जाने की अटकलों पर सवाल किया तो कमलनाथ ने उलटा मीडिया को ही घेर लिया। कमलनाथ ने कहा कि क्या आपने कभी मेरे मुंह से यह सुना है? यह तुम लोग ही चला रहे हैं। आप खुद खबर चलाते हो फिर मुझसे पूछते हो। पहले आपको (मीडिया) को खंडन करना चाहिए।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों पहले कमलनाथ के बीजेपी में जाने की अटकलें चल रही थी। इसे हवा तब मिली जब उन्होंने इसका खंडन नहीं किया। छिंदवाड़ा के शिकारपुर में कमलनाथ ने विधायक और पूर्व एमएलए सहित पार्टी पदाधिकारियों के साथ मीटिंग भी की और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में परिवर्तन कर एक दिन पहले ही दिल्ली रवाना हो गए थे। इससे पहले कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ ने अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल भी बदल दी गई। उसमें से कांग्रेस शब्द गायब कर दिया गया। इससे पिता-पुत्र के भाजपा में जाने की अटकलों को और हवा मिल गई। कमलनाथ के कई समर्थकों के बयान आने लगे। कई लोग भाजपा में शामिल होने की बात को समर्थन देने लगे। कमलनाथ के करीबी नेता और पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना ने तो स्पष्ट ही कह दिया था कि कमलनाथ की उपेक्षा हो रही है, उन्हें भाजपा में चले जाना चाहिए। दीपक सक्सेना ने भी स्पष्ट कह दिया था कि मैं खुद भी चले जाउंगा। कमलनाथ के करीबी पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भी अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल से कांग्रेस शब्द हटाकर जन गण मन लिख दिया था। इससे भी और इस मामले को हवा मिली।
इसके बाद सज्जन सिंह वर्मा भी दिल्ली स्थित कमलनाथ के निवास पर मिले और कहा था कि अभी बैठक चल रही है, इसमें तय हो जाएगा कि आगे हम क्या करने वाले है। लेकिन, बाद में मीटिंग के बाद सज्जन सिंह वर्मा आए और मीडिया के सिर पर भी ठीकरा फोड़ दिया। सज्जन सिंह वर्मा ने स्पष्ट कर दिया था कि कमलनाथ भाजपा में नहीं जा रहे हैं। नकुलनाथ छिंदवाड़ा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। इसके बाद कमलनाथ बेंगलुरू अपने आध्यामिक गुरू के आश्रम के लिए रवाना हो गए थे।