मंजूरी को तरस रहीं सांसद  और विधायकों की अनुशंसाएं

.छिंदवाड़ा. सांसद और विधायकों द्वारा अपनी निधि से निर्माण कार्य की अनुशंसाएं कर दी गई हैं, लेकिन अभी तक उन्हें प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी नहीं मिल सकी है।

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Dec 22, 2016
chhindwara
छिंदवाड़ा .छिंदवाड़ा. सांसद और विधायकों द्वारा अपनी निधि से निर्माण कार्य की अनुशंसाएं कर दी गई हैं, लेकिन अभी तक उन्हें प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी नहीं मिल सकी है। इसका कारण उपसंचालक उद्यानिकी राजेन्द्र राजौरिया के प्रमोशन पर संयुक्त संचालक जबलपुर के पद पर स्थानांतरित होना बताया गया है, जिनके पास जिला योजना अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार था। उनके द्वारा अभी तक दूसरे किसी अधिकारी को प्रभार न दिए जाने से इस कार्यालय का कामकाज ठप हो गया है।

जिला योजना कार्यालय के अनुसार लोकसभा सांसद कमलनाथ, राज्यसभा सदस्य प्रकाश जावड़ेकर और विधायक चौधरी चंद्रभान सिंह, रमेश दुबे, नत्थन शाह, नाना मोहोड़, सोहन बाल्मीक, कमलेश शाह और जतन उइके द्वारा अपनी निधि से निर्माण कार्यों की अनुशंसाएं जिला योजना अधिकारी के पास भेजी जाती हैं। फिर इसकी सरकारी औपचारिकताएं होने के बाद कलेक्टर इसकी प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी देते हैं।

उसके बाद निर्माण एजेंसी को किस्तों में राशि रिलीज की जाती है। इन सब कामों के निपटारे का जिम्मा जिला योजना अधिकारी राजौरिया के जिम्मे था। उनका प्रमोशन होने के बाद वे सूचना देकर जबलपुर चले गए, लेकिन प्रभार किसी दूसरे को नहीं सौंपा। इसके चलते इस कार्यालय में करोड़ों रुपए की अनुशंसाओं का ढेर लग गया है। इन फाइलों को देखने वाला कोई नहीं है। इसके चलते शहरी और ग्रामीण इलाकों में कामकाज नहीं हो पा रहा है।

नवम्बर में भेजी थी अनुशंसाएं
अमरवाड़ा विधायक कमलेश शाह ने अपने क्षेत्र में सीसी रोड, रंगमंच, अतिरिक्त कक्ष, फर्शीकरण समेत अन्य निर्माण कार्य की अनुशंसाएं तीन नवम्बर को जिला योजना कार्यालय में भेजी थी। इन्हें आज तक प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल सकी है। इसके चलते इस क्षेत्र में निर्माण कार्यों की शुरुआत नहीं हो सकी है। विधायक प्रतिनिधि से लेकर सरपंच-सचिव तक जिला योजना कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। यहीं हाल चौरई विधायक रमेश दुबे का है। विधायक ने भी स्वीकारा कि उनके द्वारा की जा रही अनुशंसाओं को मंजूरी नहीं मिल रही है। इससे जरूरतमंदों की मदद नहीं हो पा रही है। इससे पहले वे विधानसभा में न्यायालय गेट निर्माण में लेटलतीफी का मामला उठा चुके हैं।

अतिरिक्त प्रभार छोड़ा
जबलपुर में संयुक्त संचालक पद पर प्रमोशन होने के बाद मैंने उपसंचालक उद्यानिकी के साथ जिला योजना का अतिरिक्त प्रभार छोड़ दिया है।
राजेन्द्र राजोरिया, संयुक्त संचालक, उद्यानिकी जबलपुर

लिखित में नहीं दिया प्रभार
योजना कर्मचारियों का कहना है कि जिला योजना अधिकारी राजेन्द्र राजोरिया लिखित में अभी भी उनके अधिकारी हैं। उनके द्वारा लिखित में किसी दूसरे अधिकारी को प्रभार नहीं दिया गया है। इसके चलते आहरण वितरण अधिकारी वहीं है। जब वे लिखित में चार्ज देंगे, तब नए अधिकारी के हस्ताक्षर बैंक और कोषालय पहुंचाएं जाएंगे। तभी सांसद-विधायक के चेक पर दस्तखत हो पाएंगे। फिलहाल उन्हें अपनी तनख्वाह पर भी संकट मंडराता नजर आ रहा है।


शीघ्र होगी व्यवस्था
जिला योजना अधिकारी के पद पर पुराने सीडी चौरे की सेवाएं लिए जाने के बारे में जल्द निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद कार्यालयीन कामकाज व्यवस्थित होगा।
जेके जैन, कलेक्टर
Published on:
22 Dec 2016 12:04 pm
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