
छिंदवाड़ा/नागपुर. सर्दी की शुरुआत होने के बावजदू मच्छरों का प्रकोप थम नहीं रहा है। अब यह मच्छर जानलेवा साबित हो रहे हंै। वीएनआईटी परिसर में मच्छरों के चलते डेंगू ने पैर पसार लिए हैं। यहां डेंगू से एक शिक्षक की मौत हो गई है जबकि इससे 58 लोग प्रभावित हैं, जिनकी पॉजिटिव रिपोर्ट आ चुकी है।
वीएनआईटी के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी मरीज मिल रहे हैं। शहर के वीएनआईटी परिसर में एक शिक्षक की डेंगू से मौत होने से क्षेत्र के लोगों में दहशत बनी हुई है। बताया जा रहा है कि शिक्षक को रामदासपेठ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उपचार के 24 घंटे के अंदर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार वीएनआईटी के गणित विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. वीरेन्द्र अवस्थी पिछले करीब 8.10 दिन से बुखार से पीडि़त थे, जिसका उपचार वे वीएनआईटी के क्लीनिक में करा रहे थे। 40 वर्षीय अवस्थी को शनिवार की सुबह रामदासपेठ स्थित मेडिट्रिना हॉस्पिटल में उपचार के लिए लाया गया था, जहां जांच के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। उपचार के दौरान उनका स्वास्थ्य बिगडऩे लगाए तो उन्हें आईसीयू में ले जाया गया। यहां अवस्थी को वेंटिलेटर पर रखा गया और हृदय व फेफड़ों की बिगड़ती स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया, लेकिन सोमवार की सुबह उनकी मृत्यु हो गई। बताया गया कि कार्डियोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट सहित अन्य डॉक्टर्स से परामर्श लेकर किडनी, लीवर सहित अन्य अंगों की जांच की गई थी।
हॉस्टल के चारों तरफ हरियाली
वीएनआईटी के हॉस्टल परिसर में चारों तरफ पेड़-पौधे और हरियाली है। दशहरा के समय यहां बारिश का पानी जमा होने से डेंगू के मच्छर पैदा हो गए। दिवाली के पहले तक ही वीएनआईटी की होम क्लीनिक में 58 मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए गए थे। यह आंकड़ें सिर्फ वहां जांच करवाने वालों के हैं, जिन लोगों ने बाहर जांच करवाई उनको शामिल नहीं किया गया है। दिवाली के बाद के आंकड़ें छुट्टी होने के कारण सामने नहीं आ सके हैं। वीएनआईटी डायरेक्टर डॉ, नरेन्द्र चौधरी क्रेजी कैसल की ओर से पानी जमा होने के कारण डेंगू के मरीज बड़ी संख्या में सामने आए हैं। मरीजों की संख्या फिलहाल कम हो गई है। इस घटना का हमें दुख है। मनपा मलेरिया अधिकारी जयश्री थोटे वीएनआईटी में कुछ मरीज डेंगू पॉजिटिव आए थे।