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छिंदवाड़ा। जिला अस्पताल में एक वार्मर मशीन के फिलामेंट से चिंगारी उठने के कारण मशीन में रखे तीन बच्चे झुलसे थे जिसमें से एक बच्चे की मौत हो गई जबकि दो बच्चों का उपचार जबलपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। यह घटना अस्पताल के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि इन वार्मर मशीनों का 15 दिन पहले आठ अगस्त 2026 को मेंटनेंस किया गया था। घटना के बाद रविवार को सांसद विवेक बंटी साहू ने जिला अस्पताल प्रबंधन की बैठक ली और कई आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए जब तक एसएनसीयू वार्ड नई इमारत में शिफ्ट नहीं हो जाता है तब तक विशेष सावधानी बरतने तथा सांसद निधि से 15 नए वार्मर मशीन देने की बात की है जिससे एक मशीन में दो व तीन बच्चे ना रखे जाए। सांसद के पहुंच ने से पहले सिविल सर्जन डॉ कंचन दुबे ने जांच के लिए जो टीम गठित की है उसने भी एसएनसीयू वार्ड में पहुंचकर पूरे प्रकरण की पड़ताल शुरू कर दी है। टीम घटना के कारणों और रखरखाव में संभावित लापरवाही की जांच करेगी तथा तीन दिन में जांच रिपोर्ट अस्पताल प्रबंधन को सौंपी जाएगी।
एसएनसीयू प्रभारी डॉ अंशुल लांबा ने बताया कि जिन दो बच्चों का उपचार जबलपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है उनमें से जिस बच्चे का वजन कम है वह अभी भी ऑक्सीजन में है वहीं दूसरे बच्चे की हालत में काफी सुधार है तथा उसकी ऑक्सीजन हटा दी गई है।
शुक्रवार-शनिवार की रात 12.50 बजे एसएनसीयू की घटना के दौरान वहां मौजूद स्टॉफ नर्स तथा वार्ड बॉय ने तत्परता दिखाते हुए 45 सेकंड के अंदर तीनों झुलसे बच्चों समेत 33 बच्चों को उस कक्ष से बाजू के कक्ष में शिफ्ट कर दिया था। एसएनसीयू कक्ष में लगे सीसीटीवी में पूरी घटना कैद हुई है। कर्मचारियों की तत्परता के कारण अब इन कर्मचारियों तथा एसएनसीयू प्रभारी डॉ अंशुल लांबा को पुरस्कृत करने की बात की जा रही है।
Updated on:
24 Aug 2026 12:17 pm
Published on:
24 Aug 2026 12:17 pm
