
Chittorgarh Emotional News: चित्तौड़गढ़ में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। मां और बेटे का रिश्ता कितना गहरा होता है, इसकी मिसाल इस परिवार में देखने को मिली। मां के निधन के बाद घर में मौसर की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन इसी बीच परिवार पर एक और दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां को खोने के सदमे से उबर नहीं पाए बेटे ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। जिस घर में मां के निधन के बाद मातम पसरा था, वहां नौ दिन के भीतर दूसरी अर्थी उठने से हर आंख नम हो गई।
जानकारी के अनुसार, चित्तौड़गढ़ जिले के अंतिम छोर पर स्थित रोड जी का खेड़ा गांव में रहने वाले भैरुशंकर के लिए मां का बिछड़ना गहरा आघात था। मां के निधन के बाद से ही वह सदमे में थे। परिवार के लोग उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मां को खोने का दर्द उनके चेहरे और व्यवहार में साफ झलक रहा था।
परिजनों के मुताबिक, 12 अक्टूबर को मां प्यारी बाई का निधन हो गया था। परिवार में उनके निधन के बाद होने वाले मौसर की तैयारियां चल रही थीं। इसी बीच 60 वर्षीय भैरुशंकर की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
मां के निधन के महज नौ दिन बाद बेटे की मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया, जिस मां की याद में परिवार शोक मना रहा था, अब उसी घर में बेटे की मौत का मातम भी छा गया। मौसर से पहले दूसरी अर्थी उठने से गांव में शोक की लहर फैल गई। परिवार के लिए यह दुख दोहरा है। एक तरफ मां को खोने का दर्द अभी कम भी नहीं हुआ था, वहीं दूसरी ओर बेटे के चले जाने से परिवार की पीड़ा और गहरी हो गई।