चित्तौड़गढ़

चित्तौड़ दुर्ग को वर्ल्ड क्लास बनाने का बड़ा प्लान; विजन-2047 में इतिहास के साथ हाईटेक स्पर्श

Chittorgarh Fort Upgrade: मेवाड़ की शौर्यगाथा और त्याग का प्रतीक चित्तौड़गढ़ दुर्ग अब नई चमक बिखेरने को तैयार है। दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत को सहेजने और पर्यटकों की सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है।

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प्र​तीकात्मक तस्वीर, मेटा एआइ

Chittorgarh Fort Upgrade: मेवाड़ की शौर्यगाथा और त्याग का प्रतीक चित्तौड़गढ़ दुर्ग अब नई चमक बिखेरने को तैयार है। दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत को सहेजने और पर्यटकों की सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है।
जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) और राजस्थान पर्यटन विकास निगम (आरटीडीसी) के साथ मिलकर एक महत्वाकांक्षी 'विजन-2047' तैयार किया है। इसके तहत दुर्ग पर स्मार्ट पार्किंग, कचरा प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।

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पर्यटकों की संख्या में भारी उछाल

पिछले एक दशक में चित्तौड़गढ़ के पर्यटन ग्राफ ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। आंकड़ों की बाजीगरी देखें तो वर्ष 2015 में यहां 3,43,260 पर्यटक आए थे, जिनमें 340150 स्वदेशी व 3110 विदेशी शामिल रहे। 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 8,92,096 हो गया।

इनमें 890456 स्वदेशी व 1640 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। हालांकि विदेशी सैलानियों की संख्या कम होना पर्यटन की विश्व स्तरीय ख्याति को कमजोर कर रहा है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने दीघाकालीन योजना में कई ऐसे कार्य शामिल किए हैं, जो विदेशी सैलानियों को आकर्षित करेंगे।

मोबाइल नेटवर्क और डिजिटल कनेक्टिविटी पर जोर

दुर्ग की ऊंचाइयों पर अक्सर पर्यटकों को मोबाइल नेटवर्क की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसे दूर करने के लिए करीब 25 लाख रुपए की लागत से नेटवर्क सुदृढ़ीकरण की योजना है। इसके अलावा, आगामी वर्षों में दुर्ग मार्गों पर बहुभाषीय (मल्टीपल) साइनेज और दिशा सूचक बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि विदेशी और गैर-हिंदी भाषी पर्यटकों को भ्रमण में आसानी हो सके।

सांस्कृतिक संध्याओं से गुलजार होंगे स्मारक

दुर्ग के स्मारकों की जीवंतता बनाए रखने के लिए अब यहां नियमित रूप से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। इसके लिए शुरुआती तौर पर 10 लाख रुपए का बजट रखा गया है।

योजना में यह भी शामिल

  • सौंदर्यीकरण: 50 लाख रुपए से दुर्ग मार्गों का सुदृढ़ीकरण होगा।
  • भित्ति चित्र: एएसआइ की हरीझंडी मिलने पर दुर्ग की दीवारों पर जौहर और शौर्य के गौरवशाली इतिहास को दर्शाने वाले भित्ति चित्र उकेरे जाएंगे।
  • लोकल फॉर वोकल: फोर्ट फेस्टिवल के दौरान अश्व मेला और हाट बाजार का आयोजन होगा, जिससे स्थानीय हस्तशिल्प को वैश्विक मंच मिलेगा।

बढ़ेगा टूरिज्म और रोजगार

जिला कलक्टर की इस दीर्घकालीन योजना का लक्ष्य 2047 तक चित्तौड़गढ़ को विश्व के प्रमुख पर्यटन केंद्रों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करना है। प्रशासन का मानना है कि इन सुविधाओं के विस्तार से न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

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