14 जून 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Chittorgarh: अब गाड़ी के अलावा ड्रम या बोतल में पेट्रोल-डीजल दिया तो नपेंगे पंप संचालक, किसानों की बढ़ी चिंता

Fuel Regulation Order: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर अस्थायी विनियमन आदेश जारी किया है। अब वाहन के अलावा ड्रम, कैन या बोतल में ईंधन देने पर पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। चित्तौड़गढ़ जिले में रसद विभाग की विशेष टीमें औचक निरीक्षण कर नियमों की पालना सुनिश्चित करेंगी।

2 min read
Google source verification
Fuel Regulation Order 2026

पंप पर तेल भरवाने के लिए खड़े हुए लोग (पत्रिका फोटो)

Fuel Regulation Order 2026: चित्तौड़गढ़: पेट्रोल पंपों पर अब वाहनों के अलावा ड्रम, बोतल या किसी अन्य खुले कंटेनर में ईंधन भरने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यदि कोई पंप संचालक इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह सख्ती वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति श्रृंखला में बाधा आने के बाद केंद्र सरकार के आदेश पर शुरू की गई है।

सरकार ने देश में ईंधन की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी 'मोटर स्पिरिट और उच्च वेग डीजल (आपूर्ति का अस्थायी विनियमन) आदेश 2026' की पालना में चित्तौड़गढ़ जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।

किसानों की बढ़ी आफत

प्रशासन की इस सख्ती ने अन्नदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। मानसून से पहले किसानों ने खेतों में बुवाई की तैयारियां शुरू कर दी है। ट्रैक्टरों के संचालन के लिए भारी मात्रा में डीजल की आवश्यकता होती है।

अमूमन किसान पेट्रोल पंपों के बार-बार चक्कर काटने से बचने के लिए घर या फार्म हाउस पर ड्रमों में डीजल का स्टॉक रखते हैं। लेकिन अब नए नियमों के कारण उन्हें केवल ट्रैक्टर के टैंक में ही डीजल मिलेगा।

कलक्टर के निर्देश पर दो विशेष टीमें गठित

जिला रसद अधिकारी हितेश जोशी ने बताया कि कलक्टर डॉ. मंजू के निर्देशन में सहायक जिला रसद अधिकारी सुमन तिवारी के साथ मिलकर दो विशेष टीमें तैयार की हैं। ये टीमें जिले भर में पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण करेंगी और ईंधन के अवैध परिवहन व स्टॉक पर नजर रखेंगी। स्थानीय स्तर पर संचालित उद्योगों और निर्माण कंपनियों की गतिविधियों पर भी प्रशासन की पैनी नजर रहेगी।

थोक खरीदारों पर कड़े प्रतिबंध

थोक और खुदरा (रिटेल) कीमतों में अंतर के कारण औद्योगिक व व्यावसायिक उपभोक्ता रिटेल पंपों से भारी मात्रा में ईंधन खरीद रहे थे, जिससे आम उपभोक्ताओं के लिए संकट खड़ा होने की आशंका बन गई थी। इसे रोकने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं।

  • डीजल केवल वाहनों के टैंक या 'पेसो' द्वारा स्वीकृत कंटेनर में ही भरा जा सकेगा।
  • कोई भी रिटेल पंप एक ग्राहक या वाहन को एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं बेचेगा।
  • रिटेल आउटलेट से खरीदे गए डीजल को दोबारा व्यावसायिक रूप से नहीं बेचा जा सकेगा।
  • यह प्रतिबंधात्मक आदेश शुरुआती तौर पर 90 दिनों के लिए प्रभावी रहेगा, जिसे जरूरत पड़ने पर बढ़ाया जा सकता है।