
पंप पर तेल भरवाने के लिए खड़े हुए लोग (पत्रिका फोटो)
Fuel Regulation Order 2026: चित्तौड़गढ़: पेट्रोल पंपों पर अब वाहनों के अलावा ड्रम, बोतल या किसी अन्य खुले कंटेनर में ईंधन भरने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यदि कोई पंप संचालक इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह सख्ती वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति श्रृंखला में बाधा आने के बाद केंद्र सरकार के आदेश पर शुरू की गई है।
सरकार ने देश में ईंधन की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी 'मोटर स्पिरिट और उच्च वेग डीजल (आपूर्ति का अस्थायी विनियमन) आदेश 2026' की पालना में चित्तौड़गढ़ जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।
प्रशासन की इस सख्ती ने अन्नदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। मानसून से पहले किसानों ने खेतों में बुवाई की तैयारियां शुरू कर दी है। ट्रैक्टरों के संचालन के लिए भारी मात्रा में डीजल की आवश्यकता होती है।
अमूमन किसान पेट्रोल पंपों के बार-बार चक्कर काटने से बचने के लिए घर या फार्म हाउस पर ड्रमों में डीजल का स्टॉक रखते हैं। लेकिन अब नए नियमों के कारण उन्हें केवल ट्रैक्टर के टैंक में ही डीजल मिलेगा।
जिला रसद अधिकारी हितेश जोशी ने बताया कि कलक्टर डॉ. मंजू के निर्देशन में सहायक जिला रसद अधिकारी सुमन तिवारी के साथ मिलकर दो विशेष टीमें तैयार की हैं। ये टीमें जिले भर में पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण करेंगी और ईंधन के अवैध परिवहन व स्टॉक पर नजर रखेंगी। स्थानीय स्तर पर संचालित उद्योगों और निर्माण कंपनियों की गतिविधियों पर भी प्रशासन की पैनी नजर रहेगी।
थोक और खुदरा (रिटेल) कीमतों में अंतर के कारण औद्योगिक व व्यावसायिक उपभोक्ता रिटेल पंपों से भारी मात्रा में ईंधन खरीद रहे थे, जिससे आम उपभोक्ताओं के लिए संकट खड़ा होने की आशंका बन गई थी। इसे रोकने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं।
Updated on:
14 Jun 2026 02:40 pm
Published on:
14 Jun 2026 02:39 pm
