
Rajasthan : चूरू जिले के तारानगर क्षेत्र के चंगोई गांव में पुत्र और पुत्रवधू की हत्या के मामले में ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को थाने के बाहर प्रदर्शन कर आरोपी पिता रामचन्द्र जाट के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने उसे फांसी की सजा देने की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने डीएसपी रोहित सांखला और सीआई पुष्पेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। इसमें मामले की निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की प्रतियां परिवादी पक्ष को उपलब्ध कराने और कथित सहयोगी रामवीर से गहन पूछताछ की मांग की गई। ग्रामीणों ने कहा कि गांव के लोग मामले में गवाही देने को तैयार हैं और आरोपी के खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए।
इस मामले की शुरुआत चंगोई गांव से हुई। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, मैलूसर निवासी शीशराम जाट की बेटी महेंद्र देवी की शादी करीब 15 साल पहले चंगोई निवासी रविंद्र जाट से हुई थी। दंपती की 11 वर्षीय बेटी मीतारिका है। रविंद्र और उसके पिता रामचंद्र के बीच लंबे समय से अनबन चल रही थी।
मंगलवार रात दोनों गांव के धर्मकांटे पर बैठे थे। रामचंद्र जाट सरपंच का चुनाव लड़ना चाहता था, लेकिन रविंद्र इसके खिलाफ था। रिपोर्ट के अनुसार, रविंद्र ने पिता से कहा कि गांव में उनका चाल-चलन ठीक नहीं है, ऐसे में उन्हें वोट कौन देगा? पिता के कथित संबंधों को लेकर कही गई इस बात से विवाद बढ़ गया। आरोप है कि रामचंद्र ने बेटे के साथ मारपीट शुरू कर दी।
जानकारी मिलने पर आरोपी की बहू महेंद्र देवी धर्मकांटे पर पहुंची और बीच-बचाव किया। इसके बाद वह अपने पति रविंद्र को लेकर घर जाने लगी। अभी दोनों कुछ दूरी पर ही पहुंचे थे कि पीछे से रामचंद्र अपनी पत्नी धर्मा देवी के साथ बोलेरो जीप लेकर आया। उसने दंपती को टक्कर मारने के बाद गाड़ी उनके ऊपर चढ़ा दी। इसके बाद वाहन पीछे किया और दोबारा से दोनों को रौंदा। गंभीर चोटों के कारण दोनों की दर्दनाक मौत हो गई।
बताया गया कि दंपती की 11 वर्षीय बेटी मीतारिका भी पीछे आ रही थी। माता-पिता को खून से लथपथ देखकर वह चीखने-चिल्लाने लगी और दादा-दादी से उन्हें नहीं मारने की गुहार लगाती रही। ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी वहां से जा चुका था। इस दृश्य को देखकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।