
Churu Double Murder Case: चूरू जिले के तारानगर क्षेत्र के चंगोई गांव में पारिवारिक विवाद ने मंगलवार रात खौफनाक रूप ले लिया। सरपंच का चुनाव लड़ने की जिद और लंबे समय से चली आ रही घरेलू अनबन के बीच एक पिता पर अपने ही इकलौते बेटे और बहू की बोलेरो जीप से कुचलकर हत्या करने का आरोप लगा है। घटना के समय दंपती की 11 वर्षीय बेटी भी मौके पर मौजूद थी। उसकी चीख-पुकार ने इस वारदात को और भी दर्दनाक बना दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, मैलूसर निवासी शीशराम जाट ने बताया कि उनकी बेटी महेंद्र देवी (35) की शादी करीब 15 साल पहले रविंद्र पुत्र रामचंद्र जाट निवासी चंगोई के साथ हुई थी। दंपती की 11 वर्षीय बेटी मीतारिका है। रविंद्र की लंबे समय से अपने पिता रामचंद्र के साथ अनबन चल रही थी।
मंगलवार रात रविंद्र और उसके पिता रामचंद्र गांव में स्थित धर्मकांटे पर बैठे थे। रामचंद्र सरपंच का चुनाव लड़ना चाहता था, लेकिन रविंद्र इसका विरोध कर रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, रविंद्र ने पिता के 'कथित संबंधों' का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से मना किया और कहा, गांव में आपका चाल-चलन ठीक नहीं है, वोट कौन देगा? इस बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और रामचंद्र मारपीट पर उतर आया। झगड़े की जानकारी मिलने पर महेंद्र देवी धर्मकांटे पहुंची और बीच-बचाव कर पति को समझाया। इसके बाद वह रविंद्र को साथ लेकर घर जाने लगी।
रिपोर्ट के अनुसार, महेंद्र देवी अपने पति को लेकर कुछ दूर आगे बढ़ी ही थी कि पीछे से रामचंद्र अपनी पत्नी धर्मा देवी के साथ बोलेरो जीप लेकर पहुंचा। आरोप है कि दोनों ने दंपती को जान से मारने की नीयत से गाड़ी से टक्कर मारी। इसके बाद बोलेरो को उनके ऊपर से निकाल दिया, जिससे दोनों की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी गाड़ी लेकर गांव की ओर चला गया। घटना के समय रविंद्र और महेंद्र देवी की बेटी मीतारिका भी अपनी मां के पीछे-पीछे आ रही थी। धर्मकांटे के पास पहुंचने पर उसने अपने माता-पिता को खून से लथपथ हालत में देखा।
इस वारदात की चश्मदीद दंपती की 11 वर्षीय बेटी मीतारिका बनी। रिपोर्ट में बताया गया कि माता-पिता को गंभीर हालत में देखकर बच्ची जोर-जोर से रोने और चिल्लाने लगी। वह गुहार लगाती रही कि दादा-दादी, मेरे मां-बाप को मत मारो। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक आरोपी गाड़ी लेकर जा चुका था। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, इस वारदात के पीछे पारिवारिक विवाद के साथ अन्य रंजिश भी सामने आई हैं। रामचंद्र सरपंच का चुनाव लड़ना चाहता था, जबकि रविंद्र इसका विरोध कर रहा था। बेटे का कहना था कि पिता के कथित आचरण के कारण गांव में उनकी छवि ठीक नहीं है और उन्हें वोट नहीं मिलेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, रामचंद्र के एक महिला से कथित संबंध थे। रविंद्र इस बात को लेकर पिता को टोकता था। वहीं, रामचंद्र की बेटी सुमन की भी भाई से रंजिश होने की बात सामने आई है। रिपोर्ट में रविंद्र और उसके ताऊ के बेटे रामवीर के बीच 10 लाख रुपए के लेन-देन का विवाद भी बताया गया है। आरोप है कि इस मामले में रामवीर रविंद्र को जान से मारने की धमकियां दे रहा था।
तारानगर के डीएसपी रोहित सांखला के अनुसार, शुरुआत में पुलिस को किसी वाहन की टक्कर से हादसा होने की सूचना मिली थी। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज और जांच के आधार पर सामने आया कि रामचंद्र ने बोलेरो से कुचलकर अपने बेटे और बहू की हत्या की। डीएसपी ने बताया कि मृतक के ससुर की रिपोर्ट पर हत्या की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और आरोपी को राउंडअप कर लिया गया है।
दोहरे हत्याकांड के बाद तारानगर थाने में भी तनाव की स्थिति बन गई। थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह के अनुसार, आरोपी रामचंद्र को हिरासत में लेकर थाने लाया गया था। उसे शौच के लिए ले जाया जा रहा था, तभी मृतका के भाई नरेश ने आवेश में आकर उसके साथ मारपीट करने का प्रयास किया। पुलिस स्टॉफ ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया।
थाना प्रभारी के मुताबिक, संज्ञेय अपराध की रोकथाम के लिए नरेश को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टम\र्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। बुधवार शाम चंगोई गांव में रविंद्र और महेंद्र देवी का अंतिम संस्कार किया गया।