IND vs BAN Head To Head in T20I: साल 2009 से लेकर अब भारत और बांग्लादेश के बीच 16 मैच खेले गए हैं, जिसमें से मेहमान टीम को सिर्फ एक बार जीत मिली है। 15 मुकाबलों में भारत ने जीत हासिल की है।
IND vs BAN Head To Head in T20I: दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम की पिच को देश की धीमी पिचों में से एक माना जाता था, लेकिन पिछले साल हुए वनडे विश्व कप से पहले पिच में कई बदलाव हुए जिससे विश्व कप और आईपीएल में यहां ढेरों रन बने थे। ऐसे में विस्फ़ोटक बल्लेबाज़ों से सजी हुई भारतीय टीम बांग्लीादेश के ख़िलाफ़ दूसरे टी20 में भी अपना दबदबा बरक़रार रखते हुए सीरीज़ में अजेय बढ़त लेने के इरादे से उतरेगी। तेज गेंदबाज मयंक यादव ने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ पहले मैच में शानदार प्रदर्शन किया था और कोटला तो उनका होम ग्राउंड है। ऐसे में वह यहां पर कमाल का प्रदर्शन कर सकते हैं। इसके अलावा जिस तरह का टीम का लाइन अप है, उसमें कोई भी बल्लेबाज़ एंकर की भूमिका वाला नहीं है। ऐसे में बांग्लादेश की मुश्किलें यहां पर बढ़ सकती हैं। साथ ही अगर पिच पर स्पिनरों के लिए थोड़ी-बहुत मदद रही तो वरूण चक्रवर्ती की फिरकी एक बार फिर से बांग्लादेशी बल्लेबाज़ों को परेशान कर सकती है।
हालांकि दिल्ली का इतिहास बांग्लादेश के साथ रहा है। भले ही टी20 फॉर्मेट में बांग्लादेश की टीम भारत के सामने ज्यादा चुनौती पेश न कर पाई हो लेकिन जो उन्होंन मेन इन ब्ल्यू के खिलाफ अपनी इकलौती टी20 मैच में जीत हासिल की है वह दिल्ली में ही मिली थी। 2019 में बांग्लादेश ने रोहित शर्मा की कप्तानी वाली टीम इंडिया को 7 विकेट से हराकर इतिहास रचा था। बांग्लादेश की टीम एक बार फिर उसी मैदान पर भिड़ने जा रही है और एक बार फिर उलटफेर के लिए तैयार है।
साल 2009 से लेकर अब भारत और बांग्लादेश के बीच 16 मैच खेले गए हैं, जिसमें से मेहमान टीम को सिर्फ एक बार जीत मिली है। 15 मुकाबलों में भारत ने जीत हासिल की है। हालांकि कई मौकों पर बांग्लादेश ने जीत हासिल करने के लिए पड़ोसियों के पसीने जरूर छुड़ाए हैं। 2016 टी20 वर्ल्डकप में भारत को जीत हासिल करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। 2022 टी20 वर्ल्डकप में भी दोनों के बीच काफी करीबी मुकाबला हुआ था। हालांकि वहां भी टीम इंडिया 5 रन से जीत गई थी।
नई दिल्ली में फ़िलहाल बारिश के कोई आसार नहीं हैं। हालांकि इस समय दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में मौसमी मच्छर (जीरे वाले मच्छर) का आतंक है। रात होते ही ये मच्छर लाइटों के आसपास मंडराने लगते हैं। इनकी संख्या इतनी अधिक होती है कि वहां रहना मुश्किल हो जाता है। अब क्योंकि कोटला में मैच फ़्लड लाइट्स में होगा तो वहां के हालात देखने वाले होंगे।