
Gautam Gambhir Hai Hai Go Back chant: भारतीय टीम को एक साल में दूसरी बार टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा है। पिछले साल नवंबर में न्यूजीलैंड ने सूपड़ा साफ किया था तो अब साउथ अफ्रीका ने व्हाइटवॉश कर दिया है। इसी वजह से हेड कोच गौतम गंभीर को पहली बार बुधवार को गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में फैंस के गुस्से का सामना करना पड़ा। टीम इंडिया के दूसरे टेस्ट में 408 रन के अंतर से बड़ी हार के कुछ देर बाद ही स्टेडियम के एक स्टैंड में फैंस का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने जोर-जोर से हूटिंग करते हुए 'गौतम गंभीर हाय हाय, वापस जाओ' चिल्लाना शुरू कर दिया। इसके बाद मोहम्मद सिराज और सितांशु कोटक स्टैंड में पहुंचे और उनसे शांत रहने की अपील की।
फैंस जब 'गौतम गंभीर हाय हाय, वापस जाओ' के नारे लगा रहे तो गंभीर का चेहरा देखने लायक था। उन्होंने कुछ देर उस स्टैंड की ओर देखा और फिर अपना फेस दूसरी तरफ घुमा लिया। इस तरह वह फैंस की प्रतिक्रिया को नजरअंदाज करना चाहते थे। वहीं, सभी खिलाड़ी भी मैच को भूल स्टैंड की ओर देखने लगे। इसी बीच मोहम्मद सिराज ने भीड़ की ओर शांत रहने का इशारा किया। फिर तुरंत बाद ही सिराज के साथ सहायक कोच सीतांशु कोटक भी स्टैंड के पास गए और फैंस शांति बनाए रखने की अपील की।
दरअसल, पिछले दो दशकों से घरेलू सीरीज में दबदबा बनाए रखने वाली टीम इंडिया गौतम गंभीर के आने के बाद घर में पांच टेस्ट हार गई है। ऐसे में दर्शकों को गुस्सा होना लाजिमी है, क्योंकि हेड कोच टीम में लगातार बदलाव कर रहे हैं और सफलता भी नहीं मिल पा रही है।
साउथ अफ्रीका के हाथों भारत को 408 रनों से हार का सामना करना पड़ा है। ये घरेलू परिस्थितियों में उसकी रनों के अंतर से सबसे बड़ी टेस्ट हार है। साउथ अफ्रीका के 2-0 से क्लीन स्वीप के बाद अब भारत के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के फाइनल की डगर भी मुश्किल हो गई है। अब वह WTC की पॉइंट्स टेबल में पाकिस्तान से भी नीचे पांचवें पायदान पर पहुंच गई है।
साउथ अफ्रीका से सीरीज हारने के बाद भारतीय हेड कोच गौतम गंभीर ने कहा कि उनकी प्राथमिकता भारतीय क्रिकेट है, न कि अपनी पहचान बनाना। उन्होंने हेड कोच के तौर पर टीम के साथ अपनी पिछली सफलताओं का भी जिक्र किया, जिसमें इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज ड्रॉ, आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप शामिल हैं।
गंभीर ने मैच के बाद कहा कि मैंने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था जब मैंने हेड कोच का पद संभाला था, इंडियन क्रिकेट जरूरी है, मैं जरूरी नहीं हूं। और मैं यहां बैठकर ठीक यही बात कह रहा हूं। हां, लोग इसे भूल सकते हैं। मैं वही आदमी हूं, जिसने इंग्लैंड में भी एक युवा टीम के साथ नतीजे हासिल किए थे और मुझे यकीन है कि आप लोग बहुत जल्द भूल जाएंगे, क्योंकि बहुत से लोग न्यूजीलैंड के बारे में बात करते रहते हैं। मैं वही आदमी हूं, जिसकी अगुवाई में इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप भी जीता था।