दिल्‍ली हाईकोर्ट ने 13 दिन पहले सज्‍जन कुमार को बाकी बची जिंदगी के लिए उम्र कैद की सजा सुनाई थी।
नई दिल्ली। चौंतीस साल पहले सिख विरोधी दंगों से संबंधित एक मामले में उम्र कैद की सजा पाने वाले कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार आज अदालत में समर्पण कर सकते हैं। इससे राहत पाने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील कर रखी है लेकिन अवकाश होने के कारण कल तक उनकी याचिका पर सुनवाई संभव नहीं है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने उनके आत्मसमर्पण की समय सीमा बढ़ाने का उनका अनुरोध अस्वीकार कर दिया था, जिसके बाद उनके पास अदालत के समक्ष समर्पण करने के लिए आज तक का ही वक्त बचा है।
हाईकोर्ट के फैसले का पालन करेंगे
इस मामले में सज्जन कुमार के वकील अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील पर विंटर वेकेशन के दौरान 31 दिसंबर से पहले सुनवाई की संभावना नहीं है। सुप्रीम कोर्ट एक जनवरी तक बंद है और दो जनवरी से वहां सामान्य कामकाज शुरू होगा। उन्होंने कहा कि 'हम हाईकोर्ट के फैसले का अनुपालन करेंगे।
कोर्ट ने माना था हिंसा को नरसंहार
आपको बता दें कि हाईकोर्ट ने 1984 के दंगों से जुड़े एक मामले में 17 दिसंबर को 73 वर्षीय पूर्व सांसद सज्जन कुमार को बाकी बची जिंदगी के लिए उम्र कैद और पांच अन्य दोषियों को अलग-अलग अवधि की सजा सुनाई थी। साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें 31 दिसंबर तक समर्पण करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि 1984 के दंगों में दिल्ली में 2700 से ज्यादा सिख मारे गए थे, जो निश्चित ही अकल्पनीय पैमाने का नरसंहार' था। अदालत ने कहा था कि यह मानवता के खिलाफ उन लोगों द्वारा किया गया अपराध था, जिन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था और जिनकी कानून लागू करने वाली एजेंसियां मदद कर रही थीं।