Mahadev satta app banned: ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चलाने के लिए कुख्यात महादेव बुक ऐप की वेबसाइट को ब्लॉक करने का आदेश जारी हो गया है।
रायपुर। Mahadev satta app banned: ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चलाने के लिए कुख्यात महादेव बुक ऐप की वेबसाइट को ब्लॉक करने का आदेश जारी हो गया है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मांग पर महादेव बुक ऑनलाइन सहित 22 अवैध सट्टेबाजी ऐप्स और वेबसाइटों के खिलाफ ब्लॉकिंग आदेश जारी किया है। ये सभी वेबसाइट अब बंद कर दिए जाएंगे। बता दें कि महादेव ऐप से सट्टेबाजी को लेकर पुलिस के बाद ईडी ने भी जांच शुरू की थी। इसके बाद भी महादेव ऐप की वेबसाइटें बंद नहीं हुई थी। इसको लेकर पत्रिका ने 29 अगस्त 2023 को ईडी का भी एक्शन, फिर भी महादेव बुक का ऑनलाइन पोर्टल बंद नहीं, शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
छत्तीसगढ़ शासन ने नहीं की सिफारिश
पीआईबी की ओर से रविवार की रात 8.30 बजे जारी विज्ञप्ति में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार के पास भी आईटी अधिनियम की धारा 69 ए के तहत महादेव बुक ऐप की वेबसाइट को बंद करने की सिफारिश करने की शक्ति थी, लेकिन उन्होंने नहीं किया। केवल ईडी की ओर से इसे बंद करने की सिफारिश की गई थी। इसके बाद महादेव बुक और रेड्डीअन्ना, प्रिस्टोप्रो सहित 22 अवैध सट्टेबाजी ऐप्स और वेबसाइटों को ब्लॉक आदेश जारी किया है।
चंद्रशेखर ने कहा, छत्तीसगढ़ सरकार महादेव बुक ऐप मामले की पिछले डेढ़ साल से जांच कर रही है, लेकिन इतने दिनों में वेबसाइट को बंद कराने की सिफारिश नहीं की थी।
केंद्र को आया होश : सीएम
6000 करोड़ रुपए का कारोबार
प्रदेश में राजनीतिक भूचाल ला देने वाले महादेव बुक सट्टा ऐप का कारोबार 6000 करोड़ रुपए का बताया जाता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इसे भिलाई में जूस की दुकान चलाने वाले सौरभ चंद्राकर ने 2021 में शुरू किया था। फिर अपने दोस्त रवि उप्पल के साथ मिलकर दुबई से इसे संचालित करने लगा। उसने देशभर में 4000 से ज्यादा पैनल ऑपरेटरों को जोड़ा। ये दोनों प्रत्येक पैनल ऑपरेटर के साथ 200 से ज्यादा आईडी लेकर सट्टा खिलाने वाले थे। इसका सुराग मिलने के बाद भिलाई पुलिस ने 2022 में कार्रवाई करते हुए 50 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया।
भिलाई के मोहननगर थाने में दर्ज शिकायत के आधार पर 2023 में ईडी ने एफआईआर दर्ज की। इसके बाद अगस्त 2023 में की लोगों को गिरफ्तार की। वहीं प्रकरण की जांच करने के बाद अक्टूबर 2023 में 14 लोगों के खिलाफ 9084 पेज का चालान और 197 पेज की समरी विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत की अदालत में पेश की। इस चालान में महादेव ऐप का प्रमुख संचालक सौरभ चंद्राकर को बताया गया है। सौरभ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी रायपुर के विशेष कोर्ट से जारी किया गया है।