जालंधर की एक कारोबारी महिला कश्मीरी आतंकियों की मदद आतंक फैलाने के लिए करती थी। यह खुलासा सीटी इंस्टीट्यूट से धरे गए कश्मीरी आतंकियों ने पुलिस पूछताछ में किया है।
चंडीगढ़। जालंधर की एक कारोबारी महिला कश्मीरी आतंकियों की मदद आतंक फैलाने के लिए करती थी। यह खुलासा सीटी इंस्टीट्यूट से धरे गए कश्मीरी आतंकियों ने पुलिस पूछताछ में किया है। इस खुलासे के बाद महिला को हिरासत में ले लिया गया है। शनिवार को एनआईए और पुलिस ने इंस्टीट्यूट के हॉस्टल से धरे गए तीन छात्रों समेत कश्मीर से गिरफ्तार सोहेल से पूछताछ की।
जालंधर के सीटी इंस्टीट्यूट हॉस्टल में रहने वाले कश्मीरी छात्रों की वित्तीय मदद करने वाली महिला का कारोबार दिल्ली से लेकर श्रीनगर तक फैला हुआ है। इंस्टीट्यूट में पकड़े गए कश्मीरी छात्रों के नाम यासिर रफीक बट्ट, मोहम्मद इदरीश और जाहिद गुलजार हैं।
बताया जा रहा है कि जिस इलाके में इदरीश रहता था, उसी के नजदीक कारोबारी महिला के कर्मचारी भी रहते थे। इन्हीं कर्मचारियों के माध्यम से बट्ट के दोस्तों ने इस महिला से संपर्क साधा और फिर बाद में वित्तीय मदद पहुंचाने के लिए मना लिया।
हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि क्या महिला को यह जानकारी थी या नहीं कि वो जालंधर में जो रकम पहुंचा रही हैै वो आतंकियों के लिए है। संभावना जताई जा रही है कि महिला को दी जाने वाली रकम जालंधर में किसी व्यापार के नाम पर किसी को देने के लिए सौंपी जाती हो। जांच एजेंसियां महिला के साथ शामिल अन्य लोगों की तलाश भी कर रही है।
पूछताछ में इस बात का भी पता चला है कि जालंधर में श्रीनगर से कोड वर्ड में मैसेज भेजे जाते थे। पुलिस कुछ कोड वर्ड पाने में कामयाब भी रही है, लेकिन उन्हें डिकोड करना बाकी है। हालांकि कोड वर्ड ऐसे हैं जो शहर-शहर पहुंचते-पहुंचते बदल जाते थे। इस संबंध में पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि फिलहाल तो कुछ बोलना सुरक्षा के लिहाज से सही नहीं है। लेकिन पूछताछ के बाद जल्द ही इस नेटवर्क को खत्म कर दिया जाएगा।