राजस्थान पिछले कुछ दिनों से विभिन्न शहरों में सांप्रदायिक तनाव के वजह से लगातार खबरों में बना हुआ है। करौली, जोधपुर और फिर भीलवाड़ा। इसके बाद कोई और शहर सांप्रदायिक तनाव की चपेट में न आ जाए, इसको लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। हाल में हुए तीनों दंगों की इस एंगल से जांच की जा रही है कि इसमें कहीं कोई षड्यंत्र तो नहीं है।
हाईइलाइट्स
राज्य स्तरीय पुलिस जांच दल गठित, तीनों घटनाओं की होगी गहन पड़ताल
करौली-जोधपुर-भीलवाड़ा दंगे, तीनों मामलों में कहीं कोई कनेक्शन तो नहीं
तीन आइपीएस समेत छह अधिकारियों की टीम जांचेगी सभी पहलू
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सतर्कता) जोसफ करेंगे अगुवाई, एक माह में रिपोर्ट
पहले करौली, जोधपुर और फिर भीलवाड़ा। तीनों जगह हुए दंगों को लेकर विपक्ष के तीखे हमलों के बीच सरकार को अब ’षड्यंत्र की बू’ आने लगी है। यही कारण है कि सरकार ने उच्च स्तरीय जांच दल गठित किया है। पुलिस महानिदेशक एम. एल. लाठर की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश में आशंका जताई गई है कि तीनों घटनाएं किसी षड्यंत्र का हिस्सा हो सकती हैं। आशंका के मद्देनजर छह अधिकारियों का जांच दल गठित किया है। जांच दल में तीन आइपीएस अधिकारी शामिल किए गए हैं।
तीनों मामलों में कहीं कोई कनेक्शन तो नहीं
पुलिस महानिदेशक ने आदेश में लिखा कि इन घटनाओं से कानून व्यवस्था प्रभावित हुई है। ये घटनाएं भले ही अलग-अलग समय तथा स्थान पर घटित हुईं, लेकिन इनके आपस में संबंधित होने के पहलू पर जांच होना आवश्यक है। यह जांच दल पड़ताल करेगा कि इन घटनाओं में कोई आपसी संबंध या षड्यंत्र तो नहीं अथवा समान रूप से किसी साजिश के तहत प्रतिकूल परिस्थिति तो उत्पन्न नहीं की गई है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बीजू जॉर्ज जोसफ के नेतृत्व में गठित किया गया जांच दल
जांच दल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सतर्कता) बीजू जॉर्ज जोसफ के नेतृत्व में गठित किया गया है। इसमें महानिरीक्षक (सीआइडी-सीबी) राजेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक (एसओजी) गौरव यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (करौली) किशोर बुटोलिया, एसीपी (जोधपुर पश्चिम) चक्रवर्ती सिंह तथा सीओ सदर (भीलवाड़ा) रामचंद्र शामिल हैं। जांच दल को अपनी रिपोर्ट एक माह में डीजीपी को सौंपनी है। उल्लेखनीय है कि तीनों स्थानों पर हुई घटना को लेकर दर्ज आपराधिक प्रकरणों की जांच इससे पृथक रहेगी।