
केंद्र और राज्य सरकार में नौकरी करने की हर किसी की चाहत होती है, लेकिन इसी के चक्कर में कई लोग धोखाधड़ी के शिकार हो जाते है। दरअसल ठग ऐसे लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने की आड़ में मन चाही रकम ऐंठकर रफूचक्कर हो जाते है। हालांकि इसको लेकर पुलिस भी जागरूकता फैला रही है। फिर भी लोग धोखेबाजों के झांसे में आकर अपना नुकसान कर बैठते है। ऐसा ही एक मामला महाराष्ट्र के नागपुर से सामने आया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मध्य रेलवे में चतुर्थ श्रेणी सुपरवाइजर के पद पर नौकरी दिलाने का वादा करके एक ठग ने 11 लोगों से 68 लाख 30 हजार रुपये वसूल लिए। वठोडा पुलिस स्टेशन में पीड़ितों ने इसकी शिकायत की है। जिसके बाद आरोपी के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 420, 406, 465, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उधर, एफआईआर दर्ज होते ही गिरफ्तारी के डर से आरोपी फरार हो गया। फिलहाल पुलिस की कई टीमें आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नागपुर जिले के कन्हान निवासी शेखर दशरथ बोरकर नौकरी की तलाश में था। इसी बीच वह नागपुर के वठोडा इलाके में रहने वाले आरोपी आशीष प्रदीप गोस्वामी और कविता आशीष गोस्वामी के संपर्क में आया। 27 साल के बोरकर की तरह ही उसके दोस्त भी सरकारी नौकरी के चाहत में गोस्वामी दंपति द्वारा बिछाये गए जाल में फंस गए।
आरोपियों ने सभी को दक्षिण मध्य रेलवे में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी के पद पर अपॉइंटमेंट दिलाने का दावा किया था। इसके बाद उसने बोरकर की मेल आईडी पर फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर भेजा और फोन-पे और गूगल-पे के जरिए समय-समय पर उससे 10 लाख रुपये मांगे। इसके अलावा ठग दंपति ने बोरकर के दोस्तों से भी 58 लाख 30 हजार रुपये लिए। जब सभी को ठगे जाने का एहसास हुआ तो उन्होंने इस संबंध में रविवार को वठोडा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज करवाया।