सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब जल्द होगी नीट की काउंसलिंग...।
भोपाल/नई दिल्ली। मध्यप्रदेश समेत देशभर में चल रहे ओबीसी आरक्षण और इडब्ल्यूएस आरक्षण मामले पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। कोर्ट ने ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने को मंजूरी देती है। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (इडब्ल्यूएस) वर्ग को दिए गए आरक्षण को भी जारी रखा जाएगा। यह आरक्षण इसी सत्र से लागू रहेगा। इसका सीधा लाभ NEET-PG की परीक्षा में मिलेगा।
पीजी ऑल इंडिया कोटा सीटों (एमबीबीएस/बीडीएस और एमडी/एमएस/एमडीएस) के मामले में सुप्रीम कोर्ट की यह सुनवाई हुई थी।
इडब्ल्यूएस के लिए खास
केंद्र सरकार ने इडब्ल्यूएस के लिए 8 लाख की सालाना आय का नियम बनाया था। सुप्रीम कोर्ट ने इसी व्यवस्था को जारी रखने को कहा है, अगले सत्र में इसकी समीक्षा की जाएगी। इसीलिए मार्च 2022 में सुनवाई की तारीख तय की गई है। इस मामले की जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एएस बोपन्ना की अगुवाई वाली स्पेशल बेंच ने सुनवाई की।
जल्द शुरू होगी काउंसलिंग
याचिकाओं में मेडिकल काउंसलिंग समिति के 29 जुलाई 2021 के नोटिफिकेशन को चुनौती दी गई थी। इसमें NEET-PG (ऑल इंडिया कोटा) में ओबीसी को 27 फीसदी और EWS को 10 फीसदी आरक्षण देने की बात कही थी। दो जजों की बेंच ने गुरुवार को अपना फैसला सुरक्षित करते हुए कहा था कि उनका आदेश ‘राष्ट्रीय हित’ में होगा और इसी के चलते नीट काउंसलिंग को जल्दी शुरू होनी चाहिए।
यह दी थी दलील
केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में 27 प्रतिशत ओबीसी कोटा और 10 फीसदी ईडब्ल्यूएस को आरक्षण दिया जा रहा है। यह जनवरी 2019 से ही लागू है। यूपीएससी में भी यही कोटा दिया जा रहा है। इसमें जनरल कैटिगरी को सीटों की हानि नहीं हुई है, बल्कि सीटों की संख्या 25 फीसदी बढ़ा दी गई है। पीजी कोर्स में आरक्षण के लिए कोई मनाही नहीं है।